दिव्य महाराष्ट्र मंडल

देवी अहिल्याबाई का न्याय देख सभागृह की हर एक नारी हुई गौरवान्वित

- वीवाय हॉस्पिटल के मेडिकल स्टासफ ने जाना पुण्यश्लोका अहिल्याबाई  होल्कर को

- महाराष्ट्रप मंडल की महिला केंद्रों की गृहणियों ने प्रस्तुत किया नृत्यो नाटिका

रायपुर। पुण्यश्लोका देवी अहिल्या बाई होल्कर के जीवन पर आधारित एक नृत्य नाटिका का मंचन वीवाय हास्पिटल के आडिटोरियम में महराष्ट्र मंडल के सहयोग से किया गया। नृत्य नाटिका में अहिल्याबाई होल्कर के न्यायप्रियता को इतने सुंदर संवादों के साथ प्रस्तुत किया गया कि आडिटोरियम में बैठी एक नारी ने खुद को गौरवान्वित महसूस किया।

नाटिका में दर्शाया गया कि जब कैसे रानी अहिल्याबाई होल्कर ने न्याय को सबके लिए एक समान रखा। मंचित दृश्य में रानी के बेटे के रथ के नीचे आकर एक बछड़े की मौत हो जाती है। मामला राजमाता के पास आता है तो वे अपने ही बेटे को मृत्युदंड की सजा देती है।  इस दृश्य की कल्पना मात्र मन व्याकुल हो उठता है, फिर सोचिए उस मां ने  कैसे इतना कठोर निर्णय सुनाया होगा। जब यह सजा देने के लिए कोई तैयार नहीं हुआ, तो मालेराव को कुचलकर मारने के लिए स्वययं अहिल्याप बाई रथ पर सवार होकर निकलीं। वहीं बछडे की मां गाय रथ के सामने आकर अहिल्याम बाई को सजा देने से रोकती है और वह अपना स्था न नहीं छोड़ती।  शनिवार को वीवाय हास्पिटल के सभागृह में इस दृश्य ने सभी को भावविभोर कर दिया।

महाराष्ट्र मंडल की महिला प्रमुख विशाखा तोपखानेवाले ने बताया कि इस प्रस्तुति में रंजन मोडक ने तकनीकी सहयोग किया है। रंजन मोडक के मुताबिक नृत्या नाटिका में तोषिका भुजबल ने अहिल्यार बाई, अर्चना भाकरे ने मालेराव, लक्ष्मी लिल्हारे ने राजमाता की बहू, वनिता चितांबरे ने सेनापति, गीता दलाल ने सूत्रधार, वंदना पटिल ने गाय मालिक, अंकिता किरवई, रैना पुराणिक और वर्षा उरकुरे ने दरबारी की भूमिका निभाई है। इस नृत्यट नाटिका में अर्पणा देशमुख, स्वाती कोरान्नेव, स्मिेता बल्कीज, प्राची जोशी और स्वामती जोशी ने अपने नृत्या कौशल से नाटिका को और भी मनोरंजक बनाया है। इससे