दिव्य महाराष्ट्र मंडल

वैदिक मंत्रोच्चार के साथ महाराष्ट्र मंडल में बटुकों का उपनयन संस्कार संपन्न

- रायपुर के पांच और सीहेर मप्र के एक बटुक का हुआ यज्ञोपवीत

रायपुर। चौबे कालोनी स्थित महाराष्ट्र मंडल के संत ज्ञानेश्वर सभागृह में रविवार, 18 मई को छह बटुकों का उपनयन संस्कार संपन्न कराया गया। महाराष्ट्र मंडल के सचिव आचार्य चेतन दंडवते व अन्य आचार्यजनों ने विधि विधान और वेद मंत्रोच्चार के साथ इन बटुकों का आज षोडस संस्कारों में से एक उपनयन संस्कार संपन्न कराया। आचार्य चेतन दंडवते का साथ योगेश दंडवते, अजय पोतदार, संदीप देशपांडे और पार्थ सारथी देशपांडे ने दिया।

महाराष्ट्र संस्कार केंद्र और महाराष्ट्र मंडल के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित उपनयन संस्कार में रायपुर के पांच बटुकों और सीहोर मध्यप्रदेश के एक बटुक का उपनयन हुआ। जिसमें राजधानी रायपुर के अमेय सारंग पोफळी, क्षितीज नितिन रामेकर, दिव्यांश मनीष गोवर्धन, श्रेयस पंकज जोशी और अरिन अतुल राहटगाँवकर और मध्य प्रदेश सीहोर निवासी यथार्थ आकाश शेकदार शामिल है। महाराष्ट्र संस्कार केंद्र और महाराष्ट्र मंडल के संयुक्त तत्वावधान अब तक तकरीबन 300 से अधिक बटुकों का उपनयन संस्कार कराया जा चुका है। 

आचार्य चेतन दंडवते ने बताया कि सुबह 8.30 बजे उपनयन संस्कार की प्रक्रिया प्रारंभ की गई। सबसे पहले मंडप पूजन किया गया। इसके पश्चात मातृका पूजन एवं मातृभोज, फिर मंगलाष्टक संपन्न कराया गया। वैदिक मंत्रोच्चार के साथ विधि संपन्न कराने के बाद सभी बटुकों ने भिक्षाटन कर काशी की यात्रा की। इसके उपरांत हेमंत माऊलीकर द्वारा सभी बटुकों को उपनयन संस्कार पर आधारित मराठी भाषी पुस्तिका "कुर्यात बटोर्मंगलम्"  वितरित किया गया।

बताते चलें कि महाराष्ट्र मंडल और महाराष्ट्र संस्कार केंद्र द्वारा हर साल स्वयं के खर्च पर सामूहिक उपनयन संस्कार कराया जाता है। इसमें परिजनों को इस संस्कार के लिए अतिरिक्त खर्च वहन नहीं करना पड़ता। जबकि उपनयन संस्कार को व्यक्तिगत तौर पर कराने में तकरीबन एक विवाह का खर्च परिजनों को उठाना पड़ जाता है। अधिक खर्च से बटुकों के परिजनों को मुक्त रखने के लिए हर साल सामूहिक मूंज संस्कार का आयोजन किया जाता है।