दिव्य महाराष्ट्र मंडल

अपरा एकादशी पर मंडल की आध्यात्मिक समिति ने किया विष्णु सहस्त्रनाम पाठ

रायपुर। अपनी सनातन संस्कृति को संजोए रखने के लिए महाराष्ट्र मंडल की आध्यात्मिक समिति लगातार प्रयासरत है। जहां एक ओर मंडल के सभी महिला केंद्रों द्वारा हर शनिवार को रामरक्षा स्तोत्र और हनुमान चालीसा का पाठ किया जा रहा है। वहीं दूसरी ओर हर एकादशी पर विष्णु सहस्त्रनाम का पाठ किया जा रहा है। एकादशी पर पाठ का क्रम इस अपरा एकादशी पर भी आनलाइन मोड पर सुबह 6.45 बजे से किया गया।

महाराष्ट्र मंडल के आध्यात्मिक समिति की समन्वयक  आस्था काले ने बताया कि शुक्रवार 23 मई को अपरा एकादशी पर विष्णु सहस्त्रनाम का पाठ अलखनंदा नारद के नेतृत्व में किया गया। उन्होंने आगे कहा कि अपरा एकादशी, जिसे अचला एकादशी भी कहा जाता है, हिन्दू धर्म में अत्यंत महत्वपूर्ण व्रत है। यह व्रत विशेष रूप से ज्येष्ठ माह के कृष्ण पक्ष की एकादशी को मनाया जाता है। इस दिन भगवान विष्णु की पूजा, उपवासी व्रत, भजन-कीर्तन और दान का विशेष महत्व है।  पद्मपुराण के अनुसार, इस व्रत से व्यक्ति के समस्त पाप नष्ट होते हैं और उसे मोक्ष की प्राप्ति होती है। यह व्रत न केवल जीवित व्यक्तियों के लिए,बल्कि प्रेतात्माओं के लिए भी मुक्ति का कारण बनता है। 

आज हुए विष्णु सहस्त्रनाम पाठ में संध्या खंगन, अंजलि नलगुंडवार, अंजली खेर, प्रणिता नलगुंडवार, अनुपमा नलगुंड़वार, श्रुति सराफ, रोहिणी नेने, दीपांजलि भालेराव, मंजूषा मरकोले, श्याम जोशी, अर्चना जतकर, अरविंद जोशी, दीपाली अलोनी के साथ पुणे से अलखनंदा नारद और नागपुर से ज्योत्सना किरवई और प्रदीप पराडकर जुड़े थे।