दिव्य महाराष्ट्र मंडल

रानी अहिल्‍या बाई होलकर जयंती पर हुई नृत्‍य नाटिका की शानदार प्रस्‍तुति

रायपुर। महाराष्‍ट्र मंडल के छत्रपति शिवाजी महाराज सभागृह में  पुण्यश्लोका लोकमाता रानी अहिल्या बाई होलकर की 300वीं जयंती पर कार्यशाला आयोजित की गई। इस मौके पर मंडल के महिला केंद्रों की प्रतिभाशाली सभासदों ने रानी अहिल्‍या बाई पर नृत्‍य नाटिका प्रस्‍तुत की। 
 
महाराष्ट्र मंडल की महिला प्रमुख विशाखा मदन तोपखानेवाले के निर्देशन और रंगसाधक रंजन मोडक के विशेष सहयोग से सजी नृत्य नाटिका में लक्ष्मी जिल्लारे, गीता दलाल, अर्चना भाकरे, विशाखा तोपखानेवाले, अपर्णा देशमुख, नमिता शेष ने अहिल्याबाई के जीवन प्रसंगों से बताया कि कैसे लोकमाता न्यायप्रिय थीं। गाय के बछड़े की मृत्यु के बाद उन्होंने अपने पुत्र मालेराव को मृत्युदंड की सजा सुनाई। नृत्‍य नाटिका में इन दृश्‍यों को प्रभावी अंदाज में प्रस्‍तुत किया गया।
 
कार्यशाला के मुख्‍य वक्‍ता लौह शिल्प कला बोर्ड के अध्यक्ष प्रफुल्ल विश्वकर्मा और विशेष वक्ता विशाखा तोपखानेवाले ने लोकमाता रानी अहिल्‍या बाई के जीवन के उन रोचक प्रसंगों का स्‍मरण किया, जो आज भी हम सभी के लिए प्रेरक और अनुकरणीय हैं।