सैन्सेविरिया, एलोविरा, एरेका पाम और तुलसी का पौधा हमें देगा 24 घंटे आक्सीजन
2025-06-06 12:16 PM
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- एक दिन धूप दिखाए और छह दिन घर के अंदर रखें इन पौधों को
- महाराष्ट्र मंडल की पर्यावरण समिति ने किया संगोष्ठी का आयोजन
रायपुर। किचन, बाल्कनी और टेरिस में गार्डनिंग का शौक तो सभी को रहता है, लेकिन हमें यह नहीं पता कि आखिर कौन सा ऐसा पौधा हम अपनी बाल्कनी में लगाए जो हमें पर्याप्त मात्रा में आक्सीजन प्रदान करें। जी.. हां.. आप अपने घर की बाल्कनी और टेरिस के साथ बेडरूम में सैन्सेविरिया, एलोविरा, एरेका पाम और मनी प्लांट का पौधा लगा सकते है, जो हमें 24 घंटे आक्सीजन प्रदान करता है। घर पर तुलसी का पौधा हमारी संस्कृति है। यह तुलसी भी हमें आक्सीजन प्रदान करती है। उक्ताशय के विचार हॉर्टिकल्चरिस्ट व पर्यावरणविद व इंदिरा गांधी कृषि विश्व विद्यालय रायपुर के वरिष्ठ कृषि वैज्ञानिक डॉ विजय जैन ने महाराष्ट्र मंडल की पर्यावरण समिति द्वारा विश्व पर्यावरण दिवस पर आयोजित संगोष्ठी पर कहीं।

संगोष्ठी को संबोधित करते हुए कृषि वैज्ञानिक डॉ विजय जैन ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण की बात आती है तो हमारे दिमाग में सबसे पहले पालीथिन का ध्यान आता है। लेकिन इससे ज्यादा खतरा हमारी बदलती लाइफ स्टाइल से है। आज हमें घर पर एसी चाहिए, बाहर निकलने पर कार में एसी, आफिस पहुंचने पर एसी। अब एसी चलाने के लिए हमें बिजली चाहिए। बिजली बनाने के लिए हमें ईंधन इन पेड़ों से ही मिलता है। हम बिजली का उपयोग कम करेंगे तो पर्यावरण को बचाने में काफी मदद कर सकते है। यह काम पेड़ लगाने और उसके संरक्षण के बराबर जरूरी है। उन्होंने पौधों की देखभाल को लेकर दर्शकों के सवालों के जवाब भी दिए।

संगोष्ठी में वक्ता के रूप में पहुंचे इंदिरा गांधी कृषि विश्व विद्यालय रायपुर के पूर्व प्राध्यापक और महाराष्ट्र मंडल रायपुर के आजीवन सभासद डॉ जे एस उरकुरकर ने कहा कि हमें 20 प्रतिशत आक्सीजन पेड़ों और 80 फीसद समुद्र से मिलता है। समुद्र में पाए जाने वाली काई से हमें आक्सीजन मिलता है। अब हम प्लास्टिक वेस्ट को नदियों के माध्यम से समुद्र तक पहुंचा रहे है। ऐसे में हमें इन्हें रोकना होगा। कोरोना काल में हमने आक्सीजन की अहमियत को जाना। बहुत से लोगों ने इससे सबक भी लिया। और घर के अंदर आक्सीजन प्रदान करने वाले पौधे लगाने शुरू किए। घर पर हम सैन्सेविरिया, एलोविरा, एरेका पाम के साथ मनी प्लांट, लिली और जरबेरा का पौधा भी लगा सकते है। जरबेरा के फूल भी आक्सीजन रिलीज करते है।

संगोष्ठी की अध्यक्षता कर रहे महाराष्ट्र मंडल के अध्यक्ष अजय मधुकर काले ने बताया कि मंडल की पर्यावरण समिति पिछले कई सालों से पौधरोपण की दिशा में कारगर कार्य कर रही है। समिति ने विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर जीईसी कैंपस में पौधे लगाए। कोरोना काल में हमने लोगों को आक्सीजन के लिए जूझते देखा। तब महाराष्ट्र मंडल अपने सेवाभावी होने का प्रमाण देते हुए लोगों को ऑक्सीजन कंसंट्रेटर मशीन उपलब्ध कराई। लेकिन मशीन इस समस्या का स्थाई समाधान नहीं हो सकता है। पर्यावरण को बचाने के लिए हमें पेड़ों की रक्षा करने के साथ वृहद स्तर पर पौधरोपण करना ही होगा। कार्यक्रम का संचालन मंडल की उपाध्यक्ष गीता दलाल और आभार प्रदर्शन पर्यावरण समिति के प्रमुख वैभव बर्वे ने किया।