दिव्य महाराष्ट्र मंडल

पांच दिवसीय 'टीचर्स डेवलपमेंट वर्कशॉप' के समापन समारोह में पहुंचे मंडल अध्यक्ष काले... बोले- कमजोर बच्‍चों पर शुरू से हो फोकस

रायपुर। पिछली कक्षा के बच्‍चों की विषयवार विस्‍तृत जानकारी हमारे पास है। कौन सा बच्‍चा किस विषय में कमजोर है और किसमें असहज भी। फिर क्‍यों न हम नए शिक्षा सत्र के शुरू से ही ऐसे बच्‍चों की पहचान कर उन पर फोकस करें, तो निश्चित ही हमारे स्‍कूल के परीक्षा परिणाम और भी बेहतर होंगे। महाराष्‍ट्र मंडल के अध्‍यक्ष अजय मधुकर काले ने संत ज्ञानेश्‍वर स्‍कूल (एसडीवी) टीचर्स डेवलपमेंट वर्कशॉप के समापन पर इस आशय के विचार व्‍यक्‍त किए। उनसे पहले सचेतक रविंद्र ठेंगड़ी ने शिक्षकों से सोशल मीडिया पर व्‍यक्तिगत जानकारी, फोटो और विडियो शेयर करने के मामले में अत्‍यधिक सावधानी बरतने कहा, ताकि भविष्‍य में भयावह दुष्‍परिणाम भुगतने की स्थिति ही न बने। 
 
काले ने गत शिक्षा सत्र में ऐतिहासिक परीक्षा परिणाम, जिसके तहत तीन छात्राएं दसवीं और बारहवीं कक्षाओं के प्रावीण्य सूची  में आईं, के लिए एसडीवी के शिक्षक स्‍टाफ को बधाई दी और कहा कि यदि हम शुरू से ही कमजोर विद्यार्थियों पर ज्‍यादा ध्‍यान दें, उनके लिए सहयोगात्‍मक रवैया अपनाएं, तो परीक्षा परिणाम और भी बेहतर आएंगे। उन्‍होंने कहा कि रायपुर शहर में सीजी बोर्ड की दूसरे नंबर की स्‍कूल एसडीवी के शिक्षकों की बड़ी जिम्‍मेदारी है कि स्‍कूल की पढ़ाई का अब जो स्‍तर बना है, एसडीवी ने अब जो विश्‍वसनीयता हासिल की है, उसे हर हालत में बनाए रखें, बल्कि उससे भी आगे जाने का प्रयास करें। 
काले ने कहा कि शिक्षकों के बीच आपस किसी भी तरह की नकारात्‍मकता न हो, बल्कि स्‍कूल प्रबंधन और प्राचार्य की ओर से दी गई नई जिम्‍मेदादियों का आप अपने कंफर्ट जोन से बाहर आकर निर्वहन करें, तो इससे न केवल विविधता के साथ आपकी पढ़ाने की विविधता के साथ क्षमता बढ़ेगी बल्कि स्‍कूल के परिणाम भी अभूतपूर्व होंगे। मंडल अध्यक्ष ने याद दिलाया कि महाराष्‍ट्र मंडल के एसडीवी के अलावा और भी कई प्रकल्‍प हैं, जिसमें आपकी जीवंत सहभागिता अपेक्षित है। 
 
फेक वीडियो से होती है अपूरणीय क्षति
मंडल के सचेतक रविंद्र ठेंगडी ने कहा कि‍ इस सत्‍य को स्‍वीकार करें कि हम एक पारिवारिक और सामाजिक प्राणी है, कोई सेलीब्रेटी नहीं। घर-परिवार की छोटी- छोटी गतिविधियों और फंक्‍शन को सोशल मीडिया प्‍लेटफार्म पर डालने की जरूरत नहीं है। चूंकि यह सब हमारी जिंदगी से जुड़ी बातें हैं, तो हमें अपनी निजता को संभालना भी आना चाहिए। ठेंगडी ने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस (एआई) के जमाने में हमारा कौन सा वीडियो, फोटो या पोस्‍ट हम पर कितना भारी पड़ सकता है, हम इसकी कल्‍पना भी नहीं कर सकते। ठेंगडी ने कहा कि आप सोशल मीडिया का जितना न्‍यूनतम उपयोग करेंगे, उतने ही आपके बच्‍चे भी सोशल मीडिया से दूर होंगे। यही प्रभाव आपके क्‍लास रूम में विद्यार्थियों पर भी दिखेगा।
इस मौके पर उप प्राचार्य राहुल वोडितेलवार, राजपूत सर ने मंडल अध्‍यक्ष काले का सूत माला, स्‍मृति चिन्‍ह और पौधा देकर सम्‍मानित किया। वरिष्‍ठ शिक्षाविद् व रंगसाधक अनिल श्रीराम कालेले, एसडीवी के प्रभारी परितोष डोनगांवकर, प्राचार्य मनीष गोवर्धन व शिक्षक स्‍टाफ उपस्थित रहा। कार्यक्रम का संचालन अस्मिता कुसरे ने और आभार प्रदर्शन तृप्ति अग्निहोत्री ने किया।