दिव्य महाराष्ट्र मंडल

महिलाओं ने रामरक्षा और हनुमान चालीसा पाठ के साथ किया अथर्वशीर्ष का पाठ

रायपुर। महाराष्ट्र मंडल की आध्यात्मिक समिति की ओर से प्रति शनिवार होने वाला राम रक्षा स्तोत्र और हनुमान चालीसा पाठ अभियान इस शनिवार 14 जून को संकष्टी चतुर्थी पर भी जारी रहा। मंडल के चौबेकालोनी, रोहिणीपुरम, सरोना, देवेंद्रनगर, टाटीबंध और कोटा केंद्र में महिलाओं ने रामरक्षा और हनुमान चालीसा पाठ के साथ अथर्वशीर्ष का पाठ किया।

आध्यात्मिक समिति की समन्वयक आस्था काले ने बताया कि चौबे कालोनी महिला केंद्र की टीम ने केंद्र की सदस्या श्रुति बर्वे के घर राम रक्षा स्तोत्र और हनुमान चालीसा का पाठ किया। चौबे कालोनी केंद्र की महिलाओं द्वारा गत 40 सालों से हर महीने संकष्टी चतुर्थी पर अथर्वशीर्ष का पाठ किया जा रहा है। चतुर्थी शनिवार को होने के कारण महिलाओं ने हनुमान चालीसा का पाठ भी किया। इस दौरान श्रुति बर्वे, मनीषा वरवंडकर, अक्षता पंडित, प्राची डोंनगावकर, अपर्णा कालेले, सुषमा आप्टे, शीतल आर्विकर, अवंती अग्निहोत्री, कीर्ति हिशिकर, आरती करांडे, गौरी क्षीरसागर, पुष्पा गोवर्धन, मालविका राजिमवाले  और सुनीति परांजपे उपस्थित रही।

आस्था काले ने आगे बताया कि इसी तरह देवेंद्र नगर महिला केंद्र द्वारा हुए पाट के दौरान सविता भागड़ीकर, स्नेहलता दुबे, साक्षी टोले, शताब्दी पांडेय और माधवी पांडे उपस्थित रहीं। टाटीबंध केंद्र में शिल्पा भोपापुरकर, लीना साठे, मंजू मरकले, विनोद गोवर्धन, विद्या डेंगे, मोहन परमानंद उपस्थित रहे। सरोना केंद्र की महिलाओं ने सहसंयोजिका विभा पांडे के निवास पर गणपति अथर्वशीर्ष एवं हनुमान चालीसा का पाठ किया। इस दौरान विभा पांडे, डॉ अलका गोळे, जयश्री ढेकणे, दीप्ती शिलेदार, आरती ठोंबरे उपस्थित रही।

आस्था काले ने आगे बताया कि रोहिणीपुरम महिला केंद्र की महिलाओं ने रोहिणीपुरम स्थित गौरीशंकर मंदिर में रामरक्षा स्तोत्र और हनुमान चालीसा पाठ के साथ अथर्वशीर्ष का पाठ किया। इसके साथ गणपति, शिव और हनुमान जी के भजन का गायन भी महिलाओं ने किया। इस दौरान श्यामल जोशी, राजेश्री वैद्य, अनुभा साड़ेगांवकर, रचना ठेंगड़ी, अल्का कुलकर्णी, चित्रा बल्की, मीना विभुते, साधना बहिरट और श्रीदेवी उपस्थित रहीं।

काले ने आगे बताया कि कोटा केंद्र की महिलाओं ने प्रीति यादव (मलेवार) के निवास में रामरक्षा और हनुमान चालीसा का पाठ किया। इस दौरान मोहिनी भिड़े, शुभांगी शेडें, कुसुम मलेवार, वैजयंती शेडें, शुदक्षणा शेडें, जया देशमुख, माधुरी इंगोले, विदुला चिखलीकर, वंदना कालमेघ, गौरी शेडें, श्वेता खरे, पूर्वा खरे, वर्षा चोपकर, साक्षी परमानंद, वैशाली पुरोहित सम्मिलित रही।