दिव्य महाराष्ट्र मंडल

पंच तत्व में विलीन हुए रामदास जोगळेकर... महाराष्ट्र मंडल ने दी श्रद्धांजलि

रायपुर। महाराष्ट्र मंडल भवन निर्माण समिति के संयोजक, वरिष्ठ रंगसाधक, समाजसेवी, चार्टर्ड एकाउंटेंट रामदास जोगलेकर शनिवार को पंचतत्व में विलीन हो गए। वे दुर्गा कॉलेज के पूर्व प्राचार्य यशवंत गोविंद जोगलेकर के पुत्र, डा. अभया जोगलेकर के पति व लेफ्ट कर्नल मेघन व अधिवक्ता यशप्रदा के पिता थे। निधन के बाद जोगलेकर परिवार ने उनका नेत्रदान किया गया। बतादें कि शुक्रवार शाम एक निजी अस्पताल में उनका निधन हो गया था।

चौबे कालोनी निवासी रामदास यशवंत जोगलेकर की जवाबदारी महाराष्ट्र मंडळ में बचपन से तो थी ही। उन्होंने  महाराष्ट्र मण्डल में कार्यकारिणी पद पर 1985-86, 1988-89, 1991-93 में अपनी सेवाएं दी। वहीं बोर्ड ऑफ ट्रस्टीज फ़ॉर महाराष्ट्र मंडळ में विश्वस्त (ट्रस्टी) 1993-94, 1994-98 तक कोषाध्यक्ष, 1998-99 में कार्याध्यक्ष ट्रस्ट, 2000-2003 में ट्रस्टी की जिम्मेदारी निभाई। मंडळ द्वारा सौंपे गए कार्यो में 3 बार निर्वाचन अधिकारी के कार्यो का दायित्व भी उन्होंने बखूबी निभाया। वर्ष  2016 से 18 जुलाई 2025 तक भवन नवनिर्माण समिति में संयोजक पद पर सेवाएं दी।

उनके मित्र सुनील किरवई ने कहा कि हम गुजराती हाईस्कूल में साथ पढ़े थे। वह हमारी क्रिकेट टीम का कैप्टन था। दाहिने हाथ का फास्ट बालर और  बाएं हाथ का प्रारंभिक बल्लेबाज था। वह हमारे गांव किरवई भी गया था। बीते दिनों महाराष्ट्र मंडल रायपुर में हुए वृहन्महाराष्ट्र मंडल कार्यक्रम में अंतिम भेंट हुई थी। मैं ईश्वर से प्रार्थना करता हूं कि हमारे मित्र को अपनी गोद में उचित स्थान दें तथा उसके अवसान से परिवार में आई इस रिक्तता को सहन करने की असीम शक्ति सभी को प्रदान करें।

मंडल अध्यक्ष अजय मधुकर काले ने कहा कि विकास भैया यानी रामदास जोगळेकर अचानक चले गए। बचपन से महाराष्ट्र मंडळ के कार्यालय में झाड़ू लगाना, कैरम साफ करना, मंडळ के कार्यो में मजदूर की तरह काम करना, बड़े होते-होते नाटकों में काम करना, नेपथ्य में काम तो ध्वनि संयोजन, दिलीप लाम्बे जी के साथ मस्ती करते हुए सभी का मनोरंजन करते हुए कार्य का संपादन करना ये सब आज फ़िल्म की तरह स्मृति में सामने आ गई।