समाज भी हमारा और परिवार भी हमारा.. और यह बढ़ेगा तो हम भी बढ़ेगेः विशाखा
- महाराष्ट्र मंडल के अमलीडीह महिला केंद्र की मासिक बैठक में पहुंची महिला प्रमुख
रायपुर। जिस तरह हम अपने परिवार को आगे बढ़ाने और उसके विकास के बारे में सोचते है, उसी तरह समाज भी एक परिवार की तरह है, जिसे आगे बढ़ाने और उसके विकास के बारे में हमें सोचना होगा। समाज के लिए कुछ अच्छा करना होगा, तभी तो समाज आगे बढ़ेगा और हम भी। उक्ताशय के विचार महाराष्ट्र मंडल की महिला प्रमुख विशाखा तोपखानेवाले ने अमलीडीह महिला केंद्र की मासिक बैठक में के दौरान कहीं।
विशाखा तोपखानेवाले ने आगे कहा कि महिलाएं घर और बाहर की दोहरी जिम्मेदारी का निर्वहन करती है। इसके साथ समाज को समय देना अपना आप में वंदनीय कार्य है। महाराष्ट्र मंडल से जुड़ी महिलाएं, उसके महिला केंद्र की सदस्य सामाजिक गतिविधियों पर शामिल होकर समाज को सशक्त बनाने की दिशा में कार्य करती है। अमलीडीह केंद्र की संयोजिका और सहसंयोजिकाओं की जिम्मेदारी इसे लेकर और अधिक बढ़ जाती है। क्योंकि जिस पर भरोसा होता है उसे ही जिम्मेदारी दी जाती है। ऐसे में संयोजिकाओं और सहसंयोजिकाओं के सामाजिक गतिविधियों में शामिल होने की जिम्मेदारी बढ़ जाती है।
बैठक में पहुंची सखी निवास की प्रभारी नमिता शेष ने कहा कि समाज में रहकर समाज के लिए अच्छा कार्य करने का मौका सभी को नहीं मिल पाता। महाराष्ट्र मंडल की महिला सदस्यों को यह मौका मिला है। मैं आप सभी नये और पुराने सदस्यों से कहना चाहूंगी कि वे इस अवसर का लाभ अवश्य लें। क्योंकि समाजसेवा की एक ऐसा कार्य है, जहां निःस्वार्थ भाव से किया जाता है। और निःस्वार्थ सेवा का लाभ भी हमें मिलता है। आज हुई बैठक में अर्चना भाकरे, अर्चना धर्माधिकारी, अक्षरा भगाडे, नीता डूमरे, प्रेरणा सप्रे, शोभा सोनाये, संध्या फुलझेले, पूजा चौधरी, अचला वैद्य प्रमुख रुप से उपस्थित रहीं।