दिव्य महाराष्ट्र मंडल

दिमाग पर कुछ न कुछ काम दो, तो मोबाइल पर नहीं जाएगा ध्यानः नितिन

- शिक्षाविद् डा. नीति सिंह रघुवंशी बोलीं- शरीर का सर्केडियन रिदम सही होना जरूरी

- छत्तीसगढ़ प्राइवेट स्कूल मैनेजमेंट एसोसिएशन व महाराष्ट्र मंडल ने किया मेरिटोरियस का सम्मान

रायपुर। आप सभी से एक जीन की कहानी सुनी होगी। इसमें जीन आपके बताए कार्यों को करता है। इस कहानी का आगे का भाग कुछ ऐसा है कि जीन ने कहा मेरे पास कोई काम नहीं होगा, तो मैं तुम्हें यानी अपने आका को मार दूंगा। ऐसे में आप अपने मन के अंदर के जीन को कुछ न कुछ काम दें। अगर काम नहीं दोगे, तो वो आपको मोबाइल की ओर ले जाएगा जो आपके लिए नुकसान दायक है।

बच्चों के मोबाइल एडिक्ट होने के बारे में इस आशय के विचार साइकोलाजिस्ट, काउंसलर और मेडिटेशन शिक्षक नितिन श्रीवास्तव ने रखे। छत्तीसगढ़ प्राइवेट स्कूल मैनेजमेंट एसोसिएशन और महाराष्ट्र मंडल के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित वर्कशाप और छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल की 10वीं और 12वीं बोर्ड परीक्षा की मेरिट सूची में स्थान बनाने वाले रायपुर निवासी प्रतिभाशाली बच्चों का सम्मान का यह अवसर था।

श्रीवास्‍तव ने आगे कहा कि आजकल के बच्चों में एक मिनट का भी धैर्य नहीं है। इसलिए वे एक मिनट के रील्स को सिर्फ पांच या 10 सेकंड देखकर मोबाइल को स्क्राल कर देते हैं। वहीं बच्चे कई घंटों की वेब सीरिज को रात-रात भर बैठकर देख देते हैं। क्योंकि हमारा मन यही चाहता है कि मैं इसे देखूं। मोबाइल फोन आज हमारी जरूरत है, मैं इसे पूरी तरह छोड़ने की बात नहीं कहूंगा। लेकिन पैरेंट्स अपने बच्चों को आउटडोर गेम में इन्वाल्व करें। बच्चे अपनी हाबीज के अनुसार काम करें। घर पर मम्मी की किचन में मदद, पापा के किसी काम में मदद, ड्राइंड, पेंटिंग, जिसमें आपकी रुचि हो। ऐसे में आपको मोबाइल में रील्स देखने का मन नहीं करेगा।

बोर्ड परीक्षा की तैयारी को लेकर अपने विचार व्यक्त करते हुए शिक्षाविद् डा. नीति सिंह यदुवंशी ने कहा कि सर्केडियन रिदम एक प्राकृतिक, आंतरिक घड़ी है, जो शरीर को 24 घंटे के चक्र के अनुसार काम करने में मदद करती है। सर्केडियन रिदम यानी शरीर का बायोलाजिकल क्लॉक सुबह एक्टिव रहता है और रात को नौ बजे से सुबह 4 बजे तक स्लीपी मोड में चला जाता है। अगर आप इस ड्यूरेशन में मोबाइल देखते हैं, तो सुबह और स्कूल में आपको नींद आएगी। टाइम टेबल प्रिप्रेशन की कुंजीहोती है। इसलिए रूटीन टाइम टेबल बनाना बेहद जरूरी है।

महाराष्‍ट्र मंडल अध्यक्ष अजय मधुकर काले ने कहा कि छत्तीसगढ़ प्राइवेट स्कूल मैनेजमेंट एसोसिएशन, महाराष्ट्र मंडल और शिक्षाविद् मुकेश शाह को बधाई देते हुए कहा कि जुलाई के महीने में यह आयोजन नये सत्र की शुरुआत है। उन्होंने प्रतिभाशाली बच्चों से कहा कि लाइफ का रिमोट अपने हाथों में होना चाहिए। जीवन का हर दिन महत्वपूर्ण होता है इसलिए स्वयं का आकंलन करते रहना चाहिए। इससे जीवन में सुधार आता है। कार्यक्रम का संचालन संत ज्ञानेश्वर स्कूल के प्रभारी परितोष डोनगांवकर और आभार प्रदर्शन मुकेश शाह ने किया।