रील्स देखने वाली महिलाओं ने सीखा रील्स बनाना.. जमकर थिरकीं
- महाराष्ट्र मंडल में हुआ एक दिवसीय सावन डांस वर्कशाप का आयोजन
रायपुर। वर्तमान में सभी उम्र की घरेलु और कामकाजी महिलाएं घर पर रील्स तो देखती है, लेकिन उन्हें लगता है कि रील्स के लिए अच्छे कैमरे, माइक, स्टैंड की जरूरत होती होगी। लेकिन ऐसा बिल्कुल नहीं है। आप अपने मोबाइल से भी रील्स बना सकते है। और उसे अपने सोशल मीडिया एकाउंट में शेयर कर सकते है। महाराष्ट्र मंडल में सावन थीम पर आयोजित एक दिवसीय डांस वर्कशाप में पहुंची 40 प्लस महिलाओं ने रील्स बनाना और उसे अपलोड करने का सही तरीका सीखा। महिलाओं ने जाना कि सोशल मीडिय में रील्स अपलोड करने के लिए गाने कहां से और कैसे लेने है।

महाराष्ट्र मंडल की कला एवं संस्कृति समिति की ओर से रविवार, 27 जुलाई को आयोजित एक दिवसीय डांस वर्कशाप में 50 से अधिक महिलाओं ने अपनी भागिदारी निभाई। बतादें कि यह वर्कशाप मंडल के ही दिव्यांग बालिका विकास गृह के सहायतार्थ आयोजित किया गया था।

कला एवं संस्कृति समिति की प्रमुख भारती पलसोदकर ने बताया कि टीम की सदस्य, कोरियोग्राफर और डांस टीचर देविका देशपांडे ने सभी को डांस के आसान स्टेप्स बताए और रील्स बनाने और उसे अपलोड करने की टिप्स दिए। भारती ने वर्कशाप के सफल आयोजन के लिए महाराष्ट्र मंडल के अध्यक्ष अजय मधुकर काले का धन्यवाद दिया।

इस अवसर पर मंडल उपाध्यक्ष गीता श्याम दलाल, सखी निवास प्रभारी नमिता शेष, सहसचिव मालती मिश्रा, रेणुका पुराणिक, वरिष्ठ सदस्य कुमुद लाड, अंकिता किरवई, स्मिता टेंबे, यशस्वी दंडवते, सुजाता निबालकर, अनीता लांडगे, श्यामल जोशी, वर्षा जाधव, सुरेखा गायकवाड, अनुष्का टेंबे, श्रीजा पोद्दार, प्रार्थना दंडवते, सुमित मोडक, अजय पोद्दार के साथ सहसचिव सुकृत गनोदवाले विशेष रुप से उपस्थित थे।
