दिव्य महाराष्ट्र मंडल

‘अगले 10 वर्षों में महाराष्‍ट्र मंडल’ पर खुली परिचर्चा 28 अगस्त को

0 कार्यकारिणी सदस्‍यों, समितियों के पदाधिकारियों, महिला केंद्रों की संयोजिकाओं- सह संयोजिकाओं सहित सभासद भी परिचर्चा में आमंत्रित

रायपुर। महाराष्ट्र मंडल के शहीद मेजर यशवंत गोरे स्‍मृति गणेशोत्‍सव में गुरुवार, 28 अगस्‍त को सुबह 10:30 बजे खुली परिचर्चा का आयोजन किया गया है। परिचर्चा का विषय अगले 10 वर्षों में महाराष्‍ट्र मंडलरखा गया है। परिचर्चा में कार्यकारिणी सदस्‍यों, विभिन्‍न समितियों के पदाधिकारियों, महिला केंद्रों की संयोजिकाओं व सह संयोजिकाओं के साथ- साथ आजीवन सभासद भी शामिल होकर महाराष्‍ट्र मंडल को लेकर अपनी परिकल्‍पनाओं को साझा कर सकते हैं।

मंडल के मुख्‍य समन्‍वयक व परिचर्चा के संयोजक श्‍याम सुंदर खंगन ने बताया कि इससे पहले भी करीब 10 साल पहले महाराष्‍ट्र मंडल में विजन 2020’ परिचर्चा आयोजित की गई थी। उसमें तमाम पदाधिकारियों, सभासदों के साथ कार्यकारिणी सदस्‍यों की ओर से मिले सुझावों में अधिकांश सुझावों पर अमल किया भी जा चुका है। महाराष्‍ट्र मंडल के लिए अगले 10 साल बेहद महत्‍वपूर्ण  हैं क्‍योंकि एक दशक के बाद साल 2035 में महाराष्‍ट्र मंडल अपना शताब्‍दी वर्ष मनाएगा।

खंगन ने कहा कि पिछली परिचर्चा के अनुरूप इस बार भी सभी वक्‍ताओं की ओर मिलने वाले विचारों को संकलित किया जाएगा। उन सुझावों पर कब और कैसे अमल किया जाएगा, इस पर कार्यकारिणी सदस्‍यों की बैठक में चर्चा भी की जाएगी। मुख्‍य समन्‍वयक के अनुसार करीब नौ करोड़ की लागत से महाराष्ट्र मंडल का नवनिर्मित सर्वसुविधायुक्‍त भवन लोकार्पित किया जा चुका है। इसके साथ ही पिछले तीन वर्षों में मंडल ने अपना फिजियोथैरेपी सेंटर और दिव्‍य महाराष्ट्र मंडल न्‍यूज पोर्टल शुरू किया है। 

श्‍याम सुंदर खंगन ने बताया कि इस समय सखी निवास को आधुनिक बनाने की दिशा में सतत कार्य जारी है। जहां अतिशीघ्र 'पालना घर' भी शुरू किया जाएगा। इसी तरह समता कॉलोनी स्थित दिव्‍यांग बालिका विकास गृह के भी नवीनीकरण व आधुनिकीकरण का कार्य जारी है। यहां पर काम खत्‍म होते ही न केवल दिव्‍यांग बच्चियों को आज की जरूरत के अनुरूप सभी सुविधाएं मिलेंगी, बल्कि बुजुर्गों के लिए आपुलकी योजनाके अंतर्गत डे केयर सेंटर भी अस्तित्‍व में आ जाएगा। इसके बाद भी परिचर्चा में महाराष्‍ट्र मंडल के विकास कार्यों को लेकर सभासदों से मिलने वाले सुझावों का स्‍वागत किया जाएगा और उन्हें यथासंभव धरातल पर लाने का प्रयास किया जाएगा।