दिव्य महाराष्ट्र मंडल

हौसलों से लक्ष्‍य हासिल किए जाते हैं, पैसों से नहीं: काले

0-  महाराष्‍ट्र मंडल की दिव्‍यांग बच्चियां महात्मा गांधी- शास्त्री जयंती सेवा पखवाड़ा में छत्तीसगढ़ राज्य संपरीक्षा उप संचालक के हाथों सम्मानित 

रायपुर। महात्‍मा गांधी- लाल बहादुर शास्‍त्री जयंती के अवसर पर पूरे देशभर में जारी सेवा पखवाड़ा के अंतर्गत महाराष्‍ट्र मंडल के दिव्‍यांग बालिका विकास गृह की विशेष बच्चियों को मंगलवार को सम्‍मानित किया गया। इस मौके पर उन्‍हें ट्राइसिकल, हाथ और पैर की सिलाई मशीनें सहित विभिन्‍न जीवनोपयोगी समान उपहार के तौर पर दिए गए। महाराष्‍ट्र मंडल के साथ यह पूरा आयोजन छत्‍तीसगढ़ राज्‍य संपरीक्षा के उप संचालक कार्यालय- 2 की ओर से किया गया।

मुख्‍य अतिथि उप संचालक अविनाश तिवारी ने इस मौके पर कहा कि सेवा पखवाड़ा के अंतर्गत शासन की ओर से मिले शेड्यूल के अंतर्गत हमें यहां विशेष बच्चियों की सेवा करने का मौका मिला। यह हमारे लिए गर्व की बात है। साथ ही हमें इस आयोजन से महाराष्‍ट्र मंडल जैसी पुरानी व विश्‍वसनीय समाजसेवी संस्‍था से जुड़ने का अवसर भी मिला, यह भी हमारा सौभाग्‍य है। तिवारी ने आश्‍वस्‍त किया कि भविष्‍य में भी वे इन बच्चियों की सेवा करने के लिए तैयार रहेंगे।

मंडल अध्‍यक्ष अजय मधुकर काले ने कहा कि छत्‍तीसगढ़ राज्‍य संपरीक्षा के उप संचालक कार्यालय- 2 से हमें जुडने का अवसर मिला है। अब उप संचालक अविनाश तिवारी के साथ महाराष्‍ट्र मंडल का यह रिश्‍ता हमेशा बना रहेगा। काले ने विशेष बच्चियों से कहा कि दिव्‍यांग आप नहीं, बल्कि हमारी सोच है, जो किसी को कमतर समझने की नासमझी करती है। जबकि हौसलों से लक्ष्‍य हासिल किए जाते हैं, पैसों से नहीं। 
 

काले ने कहा कि जब हमारे बुजुर्गों ने चौबे कॉलोनी में भवन बनाने का निर्णय लिया है, उस समय महाराष्‍ट्र मंडल के बैंक अकाउंट में मात्र 80 रुपये थे लेकिन हौसले बुलंद थे। फिर उस समय के सदस्‍यों ने किशोर कुमार नाइट का आयोजन कर बेहतरीन भवन का निर्माण किया। इसी तरह जब हमारी टीम ने भी पुराने भवन को तोड़कर नया भवन बनाने की ठानी, तो मंडल के बैंक एकाउंट में मात्र 20 लाख रुपये थे, जबकि हमारा ये प्रोजेक्‍ट साढ़े सात करोड़ रुपये का था। लेकिन हमने मंडल के सभासदों की मदद से ही पैसे इकट्ठे किए और करीब पांच सालों के संघर्ष के बाद आपके सामने महाराष्‍ट्र मंडल का भवन तैयार है। मंडल अध्‍यक्ष ने कहा कि महाराष्‍ट्र मंडल का नया भवन सभासदों के आत्‍मविश्‍वास और हौसले की कहानी है। इसलिए ऐसा कोई काम नहीं, जो हमारी विशेष बच्चियां न कर सकें। इस मौके पर मंडल के प्रमुख समन्‍वयक श्‍याम सुंदर खंगन, वरिष्‍ठ जन सेवा समिति के रवि गहलोत सहित अनेक पदाधिकारी उपस्थित रहे।