दिव्य महाराष्ट्र मंडल

महात्मा गांधी व लाल बहादुर शास्त्री की विचारधारा आज भी प्रासंगिक: काले

0- महाराष्ट्र मंडल में मनाई गई महात्‍मा गांधी और शास्त्री जयंती, उनके विचारों को आत्मसात करने पर चर्चा

रायपुर। महाराष्ट्र मंडल में गुरुवार को राष्ट्रपिता मोहनदास करमचंद गांधी व लाल बहादुर शास्‍त्री जयंती सादगीपूर्ण मनाई गई। इस मौके पर दोनों ही महान विभूतियां की जीवनशैली, कार्यशैली और देश के लिए किए गए त्‍यागपूर्ण महान कार्यों को याद किया गया। 
महाराष्ट्र मंडल के अध्यक्ष अजय मधुकर काले ने कहा कि आजादी के इतने सालों बाद भी आज महात्मा गांधी की जीवनशैली, कार्यशैली और विचारधारा हमारे बीच प्रासंगिक है। आज भी हम अहिंसा को परम धर्म मानते हैं। गांधी के आदर्शों ने मानव इतिहास की दिशा बदल दी। उन्होंने दिखाया कि कैसे साहस और सादगी महान परिवर्तन के साधन बन सकते हैं। वे सेवा और करुणा की शक्ति को लोगों को सशक्त बनाने के आवश्यक साधन मानते थे। इसी तरह लाल बहादुर शास्त्री ने अपनी ईमानदार कार्यशैली से जो मिसाल कायम की है, उसे कभी भुलाया नहीं जा सकता। एक ट्रेन हादसे के बाद उनका रेल मंत्री के पद से त्यागपत्र दे देना भारतीय राजनीति में स्वच्छ व जिम्मेदार प्रतिनिधि का एक अमिट अध्याय है। लाल बहादुर शास्त्री की सादगी आज भी हमें प्रेरित करती है।  
 
इस अवसर पर सचिव चेतन गोविंद दंडवते, उपाध्‍यक्ष गीता दलाल, मुख्‍य समन्‍वयक श्‍याम सुंदर खंगन, संत ज्ञानेश्‍वर स्‍कूल के प्रभारी परितोष डोनगांवकर, युवा समिति के समन्‍वयक विनोद राखुंडे, कला संस्‍कृति समिति की समन्‍वयक भारती पलसोदकर, प्रभारी अजय पोतदार, प्रवीण क्षीरसागर सहित अनेक पदाधिकारी व सभासद उपस्थित थे।