महाराष्ट्र मंडल में छत्तीसगढ़ राज्योत्सव का आयोजन अब दो नहीं चार नवंबर को
- एकादशी त्योहार को लेकर कार्यक्रम के समय में किया गया बदलाव
- संचालन, प्रस्तुति और भोज सभी में दिखेगी छत्तीसगढ़ की झलक
रायपुर। महाराष्ट्र मंडल में दो नवंबर को होने वाला छत्तीसगढ़ राज्योत्सव का आयोजन अब 4 नवंबर को शाम 6 बजे होगा। 2 नवंबर को एकादशी होने के कारण तिथि में बदलवा किया गया। महाराष्ट्र मंडल में आयोजित छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना के रजत जयंती समारोह में कार्यक्रम के संचालन से लेकर प्रस्तुति और भोज तक सभी में आगंतुकों को छत्तीसगढ़िया झलक नजर आएगी। वहीं कार्यक्रम में शामिल लोग भी छत्तीसगढ़ी वेशभूषा में होंगे। महाराष्ट्र मंडल के विभिन्न प्रकल्पों, समितियों और महिला केंद्रों में इसकी तैयारियां शुरू हो चुकी हैं।
मंडल उपाध्यक्ष और कार्यक्रम की संयोजिका गीता श्याम दलाल ने बताया कि रविवार, दो नवंबर को महाराष्ट्रीयन परिवारों में तुलसी विवाह किया जाएगा। ऐसे में छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना दिवस कार्यक्रम की तिथि में बदलाव किया गया। अब 4 नवंबर को शाम 6 बजे से छत्तीसगढ़ राज्योत्सव मनाया जाएगा। समारोह में लगभग सभी प्रकल्पों, समितियों और महिला केंद्रों की सहभागिता होगी। समूचा कार्यक्रम ही छत्तीसगढ़ी में संचालित किया जाएगा। कार्यक्रम की शुरुआत राजगीत ‘अरपा पैरी के धार...’ से होगी। कार्यक्रम के समापन के बाद भी छत्तीसगढ़ी व्यंजनों का लुत्फ कलाकारों सहित दर्शक दीर्घा के लोग भी ले सकेंगे।
संत ज्ञानेश्वर विद्यालय (एसडीवी) के प्रभारी व कार्यक्रम के सह संयोजक परितोष डोनगांवकर के अनुसार छत्तीगसढ़ी में कार्यक्रम का संचालन एसडीवी की शिक्षिकाएं करेंगी। इतना ही नहीं, एसडीवी के बच्चों की स्थानीय बोली में तीन- चार शानदार प्रस्तुतियां हमें देखने को मिलेंगी। इसी तरह महिला केंद्रों की ओर से कम से कम पांच छत्तीसगढ़ी आइटम आकर्षित करेंगे। साथ ही विभिन्न समितियों की ओर से संगीतमय प्रस्तुतियों का लॉन एरिया में बैठे दर्शकों को इंतजार रहेगा। परितोष के अनुसार पूरे कार्यक्रम की सबसे बड़ी विशेषता यह होगी कि इसमें न तो मराठी भाषा में कोई प्रस्तुति होगी और न ही मराठी से मंच का संचालन।