आंखों में पट्टी बांधकर बच्चों को बताया गया नेत्रदान का महत्व
2025-11-12 06:00 PM
138
रायपुर। महाराष्ट्र मंडल द्वारा संचालित संत ज्ञानेश्वर विद्यालय में सोमवार, 10 नवंबर को नेत्रदान पर एक दिवसीय सेमिनार का आयोजन किया गया। महाराष्ट्र मंडल के नेत्रदान प्रभारी विक्रम हिशीकर ने बच्चों को नेत्रदान का महत्व बताने के लिए उनकी आंखों में पट्टी बांधी और जिसके बाद जीवन की कल्पना कराई।
शिक्षिका आराधना लाल ने बताया कि विक्रम हिशीकर ने सबसे पहले बच्चों से सबसे बड़े दान के बारे में पूछा तो बच्चों ने जवाब दिया' धन'। इस पर उन्होंने कहा कि परंतु यह दान कभी किसी के द्वारा याद नहीं रखा जाएगा। इसके पश्चात उन्होंने एक बच्ची के आंखों में पट्टी बांधकर उसे अपने नेत्रों के महत्वता का ज्ञान कराया और बच्चों के सामने प्रस्तुत किया कि नेत्रदान से बड़ा कोई दान नहीं है।

उन्होंने छोटे-छोटे गिफ्ट चॉकलेट, पेन आदि के द्वारा बच्चों का सेमिनार में पार्टिसिपेशन सुनिश्चित किया और बच्चों को यह भी एहसास कराया कि आपको नेत्रदान नहीं करना है। क्योंकि आप अभी बहुत छोटे हो। परंतु आपको दूसरों को नेत्रदान करने के लिए प्रोत्साहित करना है, इसकी महत्वता अपने आस पड़ोस तथा रिश्तेदारों में बतानी है।
उन्होंने बच्चों को बताया कि नेत्रदान मृत्यु पश्चात 6 से 8 घंटे के भीतर ही किया जाता है तथा मृत्यु होने के पश्चात' आई मैंन' को बुलाना चाहिए तथा मृत्यु व्यक्ति के आंखों पर गीली पट्टी रख देनी चाहिए। उन्होंने शिक्षकों से भी बात किया तथा उन्हें भी नेत्रदान के लिए प्रेरित किया। इस कार्यक्रम में प्राचार्य मनीष गोवर्धन, उपप्राचार्य से राहुल वोड़ीतेलवार तथा अन्य शिक्षक शिक्षिकाएं उपस्थित थे। कार्यक्रम का संचालन आराधना लाल ने किया। विक्रम हिशीकर का स्वागत सूत माला के द्वारा राहुल सर ने और स्कूल मोमेंटो शिक्षिका तृप्ति अग्निहोत्री ने दिया।