दिव्य महाराष्ट्र मंडल

उत्पना एकादशी पर आध्यात्मिक समिति ने किया विष्णु सहस्त्रनाम का पाठ

रायपुर। महाराष्ट्र मंडल की आध्यात्मिक समिति की ओर से प्रत्येक एकादशी को होने वाला विष्णु सहस्त्रनाम का पाठ इस उत्पना एकादशी को भी पूरे उत्साह के साथ जारी रहा। आध्यात्मिक समिति के सदस्यों ने शनिवार को सुबह 7 बजे आनलाइन मोड पर विष्ण सहस्त्रना का पाठ किया।

आध्यात्मिक समिति की समन्वयक आस्था काले ने बताया कि हिंदू पंचांग के अनुसार कार्तिक शुक्ल पक्ष की उत्पन्ना एकादशी आज पूरे देश में श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाई जा रही है. मान्यता है कि इसी दिन भगवान विष्णु ने मुर दानव का वध कर धर्म की स्थापना की थी. यह एकादशी व्रत मनुष्य को पापों से मुक्त करने वाली और इच्छाओं को पूर्ण करने वाली मानी जाती है. दिनभर व्रत, ध्यान, कथा-श्रवण और शाम को भगवान विष्णु की विशेष पूजा का अत्यंत शुभ फल बताया गया है। उत्पन्ना एकादशी का दूसरा नाम उत्पत्ति एकादशी है, क्योंकि इसी दिन देवी एकादशी की उत्पत्ति हुई थी। इसे मार्गशीर्ष कृष्ण पक्ष एकादशी भी कहा जाता है, क्योंकि यह इसी महीने और पक्ष में आती है। 

काले ने आगे बताया कि आज हुए पाठ में रायपुर सहित नागपुर से भी लोग पाठ के लिए जुड़े थे। विष्णु सहस्त्रनाम, भगवान विष्णु के 1000 नामों का पाठ है। आज हुए पाठ में अभिषेक शुक्ला, अलखनंदा, अनघा करकशे, अंजली खेर, अंजली नलगुंडवार, अनुपमा नलगुंडवार, अर्चना जतकर, चारूशीला देव, दीपाली अलोनी, दीपांजलि भालेराव, मंजरी अलोनी, रोहिनी नेने, संध्या खंगन, शुभदा अगस्ती, श्यामल जोशी जुड़े थे।