दिव्य महाराष्ट्र मंडल

संत ज्ञानेश्वर में नजर आई उत्तर से दक्षिण तक की संस्कृति

- बच्चों ने एक साथ मनाया पोंगल, लोहड़ी और संक्रांति का पर्व

रायपुर। मकर संक्रांति का पर्व पूरे देश में मनाया जाता है। दक्षिण के प्रदेशों इस दिन पोंगल और उत्तर प्रदेश खासकर पंजाब में लोहड़ी मनाई जाती है। महाराष्ट्र मंडल द्वारा संचालित संत ज्ञानेश्वर विद्यालय की असेंबली में 13 जनवरी को संक्रांति, लोहड़ी और पोंगल एक साथ मनाया गया। असेंबली का संचालन रेड हाउस की टीम ने किया।

रेड  हाउस असेंबली इंचार्ज श्वेता चौधरी  के नेतृत्व में छात्रा भावना चेलक ने असेंबली कंडक्ट किया। दिव्यांशी जांगड़े ने सुविचार बोला और गुंजन ढेंगे ने प्रतिज्ञा दिलाई। संगीत शिक्षक विवेक सिंह राजपूत ने बताया कि मकर संक्रांति, लोहड़ी और पोंगल हमारे देश की संस्कृति, प्रकृति से जुड़ाव और किसानों के प्रति सम्मान को दर्शाता हैं।

मकर संक्रांति पूरे भारत में अलग-अलग नामों से मनाई जाती है। इस दिन सूर्य देव मकर राशि में प्रवेश करते हैं। लोग पवित्र स्नान करते हैं, दान-पुण्य करते हैं और रंग-बिरंगी पतंगें उड़ाते हैं। यह पर्व नए उत्साह और खुशहाली का संदेश देता है।

लोहड़ी मुख्य रूप से पंजाब में मनाई जाती है। इस दिन अलाव जलाया जाता है, लोग उसके चारों ओर नृत्य-गीत करते हैं और ईश्वर को अच्छी फसल के लिए धन्यवाद देते हैं। लोहड़ी हमें मिल-जुलकर खुशी बांटना सिखाती है।

पोंगल तमिलनाडु का प्रसिद्ध फसल पर्व है। यह चार दिनों तक मनाया जाता है। इस अवसर पर सूर्य देव को अर्पित करने के लिए मीठा पोंगल बनाया जाता है। घरों को रंगोली से सजाया जाता है और पशुओं का सम्मान किया जाता है। पोंगल हमें प्रकृति के प्रति कृतज्ञ रहना सिखाता है।

ये सभी त्योहार हमें यह याद दिलाते हैं कि किसान हमारे देश की रीढ़ हैं और हमें प्रकृति के साथ संतुलन बनाकर रहना चाहिए। छात्र ऋषि चड्डा, हिमानी साहू, भावना चेलक पंजाबी वेशभूषा, ब.प्रेमा, गौरव गायकवाड़ साउथ इंडियन वेशभूषा, भावेश बघेल,  दिव्या बावेजा मराठी वेशभूषा में आए थे।