दिव्य महाराष्ट्र मंडल

16 को शिवाजी महाराज की गौरव यात्रा का रायपुर में भव्‍य स्‍वागत

0- विभिन्‍न समाजों के पदाधिकारियों की सिंधखेड़- नासिक से आए प्रतिनिधियों के साथ हुई बैठक 
0  सभी समाजों को प्रतिनिधित्‍व देते हुए रविवार को बनाई जाएगी आयोजन समिति, बड़े पैमाने पर शुरू होगी तैयारी

रायपुर। छत्रपति शिवाजी महाराज की मां जिजाऊ बाई के मायके सिंधखेड़ से 12 फरवरी को शुरू हुई राष्‍ट्रीय गौरव यात्रा का सोमवार, 16 फरवरी को रायपुर आगमन पर भव्‍य स्‍वागत किया जाएगा। तात्‍यापारा चौक पर शिवाजी महाराज की विशाल प्रतिमा पर माल्‍यार्पण करने के बाद शहर के प्राइम लोकेशन में धर्मसभा का आयोजन किया जाएगा। महाराष्‍ट्र मंडल के अध्‍यक्ष अजय मधुकर काले ने इस आशय के विचार सर्वसमाज के प्रतिनिधियों की शनिवार देर शाम को हुई बैठक में व्‍यक्‍त किए।
 
काले ने कहा कि सिंधखेड़, नासिक सहित महाराष्‍ट्र के विभिन्‍न क्षेत्रों से यहां आए सैकड़ों मेहमानों के रुकने- भोजन की भी उच्‍च स्‍तरीय व्‍यवस्‍था की जाएगी, ताकि अगले दिन वे सभी स्‍नान-ध्‍यान और चाय- नाश्‍ते के बाद अपने अगले गंतव्‍य संबलपुर ओडिशा की ओर रवाना हो सके। साथ ही यहां की मेहमाननवाजी को वे हमेशा याद रख सकें। 
 
काले ने अनुसार शहर के महत्‍वपूर्ण स्‍थान पर बड़े पैमाने पर सभा का आयोजन करने और 500 से अधिक मेहमानों के लिए भोजन- रुकने की व्‍यवस्‍था करने के लिए जिम्‍मेदार लोगों की आयोजन समिति तत्काल बनाना और उसका सक्रिय होना जरूरी है। काले ने कहा कि रविवार, एक फरवरी को महाराष्‍ट्र मंडल में होने वाली बैठक में न केवल हमारी आयोजन समिति अस्त्तिव में आ जाएगी, बल्कि समिति के सभी पदाधिकारियों के बीच जिम्‍मेदारियों का समान रूप बंटवारा भी हो जाएगा।
 
इससे पहले जिजाऊ बाई के 16वीं पीढ़ी के वंशज शिवाजी दत्‍तात्रेय राजे जाधव ने कहा कि आज हमारे बीच शिवाजी महाराज होते तो किसी को खाली बैठने नहीं देते। किसी से खेती करवाते, शिक्षा के क्षेत्र में काम लेते, धर्म आध्‍यात्‍म, पर्यावरण के काम में पारंगत करते, तो किसी से व्‍यवसाय करवाते। किसी को उद्योग चलाने की जिम्‍मेदारी दी जाती तो किसी को राज्‍य के प्रशासनिक अथवा सैन्‍य कार्यों में लगाया जाता। उनमें लोगों को परखकर उनसे काम निकलवाने की अद्भुत प्रतिभा थी। 
 
जाधव ने कहा कि शिवाजी महाराज का लंबा इतिहास है लेकिन इसकी व्‍यापक जानकारी अधिकांश लोगों को नहीं है। राष्‍ट्रीय गौरव यात्रा जैसे आयोजन से हम शिवाजी महाराज के स्‍वराज को लेकर किए गए संघर्ष को घर- घर तक पहुंचा पाएंगे। उन्‍होंने कहा कि भारत क्रांति मिशन का प्रयास लगातार शिवाजी महाराज के प्रचार को लेकर जारी रहता है। नासिक कुंभ मेले में भी हमारा अभियान जोर- शोर से जारी रहेगा। जाधव ने कहा कि हममें से कितने लोगों को पता है कि छत्‍तीसगढ़ को छत्‍तीसगढ़ नाम भी शिवराया ने ही दिया है। 
 
सिंधखेड़ से यहां पहुंचे विजय काकडे पाटिल ने बैठक में कहा कि शिवाजी महाराज के शासनकाल का गहन अध्‍ययन करने और काफी रिसर्च करने के बाद ही हमने राष्‍ट्रीय गौरव यात्रा का रूट सिंधखेड़ से जगन्‍नाथपुरी तय किया है। इस पूरे मार्ग पर शिवाजी महाराज के कार्य अभूतपूर्व हैं, जिसे हम लोगों के बीच प्रचारित करते चलेंगे। शिवाजी महाराज न सिर्फ महाराष्‍ट्र के हैं और न ही सिर्फ मराठियों के। वे पूरे राष्‍ट्र के हैं और उन्‍होंने समूचे भारत में स्‍वराज की नींव रखी थी। अपना संविधान बनाया था। इतिहास की जानकारी के अनुसार शिवाजी महाराज अखंड भारत के प्रणेता थे। 
 
पाटिल ने कहा कि न्‍यूयार्क में 100 करोड़ रुपये की लागत से करीब 10 एकड भूभाग में खूबसूरत लैंड स्‍केपिंग के साथ शिवाजी महाराज की भव्‍य प्रतिमा प्रतिष्ठित करने की तैयारी चल रही है। इसी तरह करीब 12 देशों में भी शिवाजी महाराज की प्रतिमा लगाने की तैयारी है। प्रतिमा देने की जिम्‍मेदारी भारत क्रांति मिशन की है। 
 
इस मौके पर नासिक से पधारे वैभव एकनाथ पांगारकर, विष्‍णु दादा पांगारकर, अमोल सोनवने, महाराष्‍ट्र मंडल के सचिव चेतन दंडवते, उपाध्‍यक्ष गीता दलाल, महिला प्रमुख विशाखा तोपखानेवाले, कार्यकारिणी सदस्‍य परितोष डोनगांवकर, आस्था काले, रेणुका पुराणिक, मालती मिश्रा, अखिल भारतीय कुर्मी महासभा के अध्‍यक्ष धनंजय सिंह वर्मा, मराठा समाज के अध्‍यक्ष लोकेश पवार, सचिव शरद फरताडे, कुनबी समाज के महासचिव अमित डोये, बृहन्‍महाराष्‍ट्र मंडल के छत्‍तीसगढ़ कार्यवाह सुबोध टोले, प्रदेश कुर्मी महासंगठन महिला शाखा की अध्‍यक्ष सारिका गेडेकर, प्रदेश तिरेला कुर्मी समाज के अध्‍यक्ष लल‍ित काकडे, प्रदेश कुर्मी महासंगठन के हेमराज हाथीमारे, डॉ. धनंजय वर्मा, महाराष्‍ट्र मंडल के वरिष्‍ठ रंगसाधक अनिल कालेले, विनोद राखुंडे, पल्‍लवी मुकादम, अभय भागवतकर, वैभव बर्वे, प्रवीण क्षीरसागर, गौरी क्षीरसागर, ओपी कटारिया, शुभम् पुराणिक, दीपक पात्रीकर, तत्‍मय बक्षी सहित अनेक पदाधिकारी व सभासद उपस्थित रहे।