महाराष्ट्र मंडल में चैत्र गौर हल्दी कुंकू 12 अप्रैल को, मराठी भजनों की स्पर्धा होगी खास
रायपुर। महाराष्ट्रीयन महिलाओं में हल्दी कुंकू का अपना अलग ही महत्व है। वहीं चैत्र गौर हल्दी कुंकू वसंत ऋतु के आगमन, नारी शक्ति, सौभाग्य और सामाजिक मिलन का प्रतीक है। कोई भी सुहागिन महिलाएं हल्दी कुंकू के आमंत्रण में सहर्ष और प्रेम भाव के साथ जाती है। इसे सामाजिक मिलन को मूर्तरुप देने महाराष्ट्र मंडल में आगामी 12 अप्रैल को चैत्र गौर हल्दी कुंकू का आयोजन किया जा रहा है। इस बार कार्क्रम में मराठी भजनों की स्पर्धा खास होगी।
महाराष्ट्र मंडल की महिला प्रमुख विशाखा तोपखानेवाले ने बताया कि मंडल के 17 महिला केंद्रों में से न्यू राजेंद्र नगर-कमल विहार, टाटीबंध, कोटा और सरोना केंद्र की संयोजिका और सहसंयोजिकाओं द्वारा इस वर्ष हल्दी कुंकू का आयोजन किया जा रहा है। कार्यक्रम रविवार 12 अप्रैल को शाम 4 बजे से प्रारंभ होगा। भजन प्रतियोगिता में सभी केंद्र द्वारा एक-एक भजन प्रस्तुत किया जाएगा।
विशाखा तोपखानेवाले ने आगे बताया कि भजन स्पर्धा के लिए कुछ नियम पहले से तय कर दिए गए है। उन्होंने बताया कि एक महिला केंद्र से एक भजन ही प्रस्तुत होगा। भजनों का गायन मराठी में होना चाहिए और भजन देवी को समर्पित होना चाहिए। सभी टीम को भजन प्रस्तुति के लिए पांच मिटन का समय दिया जाएगा। भजन के साथ तबला और हारमोनियम की व्यवस्था टीम को खुद करनी होगी। किसी भी विवाद की स्थिति में जजों का निर्णय अंतिम और सर्वमान्य होगा।