भारत रत्न अब्दुल कलाम की पांच बातों को जीवन में उतारेः हरीश जोशी
- संत ज्ञानेश्वर स्कूल में शिक्षकों के लिए परिचर्चा का आयोजन
रायपुर। भारत के मिसाइल मैन पूर्व राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम हमेशा पांच बातें कहा करते थे। वो कहते थे, आई एम द बेस्ट, गॉड इस ऑलवेज विथ मी, आई कैन दो एवरीथिंग, आई एम द विनर और टुडे इस माय डे। इन बातों को सभी को अपने जीवन में उतारना चाहिए। उक्त बातें समाजसेवी, गोसेवक हरीश जोशी ने महाराष्ट्र मंडल द्वारा संचालित संत ज्ञानेश्वर विद्यालय में वाणिज्य विभाग द्वारा शिक्षकों के लिए आयोजित एक चर्चा के दौरान कहीं।
हरीश जोशी ने शिक्षकों को संबोधित करते हुए कहा कि शिक्षकों को अपना शिक्षण कार्य धारदार बनाना चाहिए। शिक्षकों को क्लासरूम में हमेशा खड़े होकर पढ़ाना चाहिए, ताकि पीछे तक बैठे सभी विद्यार्थियों पर आपकी नजर ज सके। वहीं शिक्षक बच्चों के लिए आदर्श होते है, इसलिए शिक्षकों को अपनी वेशभूषा का भी विशेष ध्यान रखना चाहिए। शिक्षक को अपना कार्य समर्पण और जिम्मेदारी के साथ करना चाहिए।

हरीश जोशी ने आगे कहा कि एक शिक्षक को हमेशा लोगों को धन्यवाद देते रहना चाहिए। दूसरों की प्रशंसा करिए, विद्यार्थियों की प्रशंसा करिए, उनका उत्साहवर्धन कीजिए। गलतियों पर बच्चों से किसी प्रकार का द्वेश नहीं रखना चाहिए। उन्हें माफ कीजिए सही रास्ता दिखाए।
कार्यक्रम के दौरान वाणिज्य संकाय के निभा रानी दास, रंजना ठाकुर, शांतनु मुखर्जी तथा विवेक उपस्थित रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता प्राचार्य मनीष गोवर्धन ने की। प्राचार्य ने सूतमाला से अतिथियों का स्वागत किया। इस अवसर पर उपप्राचार्य राहुल वोड़ितेलवार, आराधना लाल, अपर्णा आठले, सुनिधि रोकड़े, अस्मित कुसरे, रचना तिवारी, सरिता पांडे, वर्षा गिरीभट्ट, चित्रा जावलेकर सहित सभी शिक्षिकाएं उपस्थित थीं।