दिव्य महाराष्ट्र मंडल

महाराष्‍ट्र मंडल के श्याम सुंदर खंगन को राज्‍यपाल ने किया सम्‍मानित

-  ‘एक भारत श्रेष्ठ भारत‘ के तहत लोक भवन में मनाया गया महाराष्ट्र, गुजरात, सिक्किम व हिमाचल प्रदेश का स्थापना दिवस

रायपुर। छत्तीसगढ़ के लोक भवन में सोमवार, 18 मई को महाराष्ट्र राज्य का स्थापना दिवस मनाया गया। लोक भवन के छत्तीसगढ़ मंडपम् में आयोजित इस कार्यक्रम में राज्यपाल रमेश डेका ने सभी को महाराष्ट्र, सिक्किम, गुजरात और हिमाचल प्रदेश स्थापना दिवस की शुभकामनाएं दी। उन्होंने महाराष्ट्र के संदर्भ में शिवाजी महाराज से लेकर ज्योतिबा फूले तक सभी महान समाजसेवियों के देश के निर्माण में योगदान पर चर्चा की। इस अवसर पर महाराष्ट्र के प्रतिनिधि के रूप में महाराष्‍ट्र मंडल के मुख्य समन्वयक श्याम सुंदर खंगन का राज्यपाल ने सम्‍मान किया। वहीं मंडल के अध्यक्ष अजय मधुकर काले ने सचिव चेतन गोविंद दंडवते के साथ राज्‍यपाल डेका को सूत माला पहनाकर व शाल-श्रीफल व वीर विनायक दामोदर सावरकर की प्रतिमा देकर सम्‍मानित किया।
 
 
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए राज्यपाल रमेन डेका ने कहा कि विविधता में एकता भारत की सबसे बड़ी शक्ति है और ‘एक भारत श्रेष्ठ भारत‘ जैसी पहल देश के विभिन्न राज्यों के बीच सांस्कृतिक जुड़ाव, पारस्परिक सम्मान और राष्ट्रीय एकता को नई मजबूती प्रदान कर रही है। विकास और विरासत के साथ निरंतर आगे बढ़ रहे ये राज्य देश के लिए प्रेरणा का स्रोत हैं। उन्होंने महाराष्ट्र की वीरता, सामाजिक चेतना और समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, राष्ट्र भक्ति, सेवा भावना की सराहना की। उन्होंने कहा कि इन राज्यों की संस्कृति, परंपराएं, ऐतिहासिक योगदान और विकास यात्रा भारत की एकता और सामर्थ्य को और अधिक सशक्त करती हैं। 
 
 
महाराष्ट्र मंडल के अध्यक्ष अजय मधुकर काले ने कहा कि महाराष्‍ट्र और छत्‍तीसगढ़ के बीच प्रगाढ़ संबंध हैं। सदियों पहले महाराष्‍ट्र से मराठा, मराठी कुनबी, तेली, कलार, स्‍वर्णकार समेत विभिन्न समाजों के लोग यहां आए और सभी का एकमात्र उद्देश्‍य छत्‍तीसगढ़ की सेवा करना था। काले ने कहा कि आजादी के पहले साल 1940 में आरएसएस के संस्‍थापक सरसंघ चालक डॉ. केशव बलीराम हेडगेवार ने महाराष्‍ट्र मंडल की सभा को संबोधित करते हुए कहा था कि ‘आपको छत्तीसगढ़ की मिट्टी में रच बसकर यहां के लोगों की सेवा करनी है’। महाराष्‍ट्र मंडल सहित पूरे मराठी समाज ने डॉ. हेडगेवार के इस ब्रह्म वाक्य को आत्मसात किया और सर्वसमाज की सेवा में जुट गया। 
 
 
काले ने कहा कि महाराष्‍ट्र मंडल संसाधनों की बढ़ती उपलब्‍धता के बीच विभिन्‍न प्रकल्‍पों कामकाजी महिला वसती गृह (अब सखी निवास), दिव्यांग बालिका विकास गृह, संत ज्ञानेश्वर इंग्लिश मीडियम स्कूल, सियान गुड़ी, मेडिकल इक्यूपमेंट योजना, महाराष्‍ट्र मंडल भवन, अन्नपूर्णा मेस योजना, फिजियोथेरेपी सेंटर, बाल वाचनालय शंकर नगर, बाल संस्‍कार केंद्रों जैसे प्रकल्‍प संचालित कर रहा है। भविष्‍य में भी महतारी सदन, गोशाला, गुरुकुल जैसे प्रकल्‍पों से महाराष्‍ट्र मंडल अपने सेवाभावी कार्यों का विस्‍तार करेगा।