बाल संस्कार शिविर की आनलाइन क्लास में बच्चे उत्साह से हो रहे शामिल
0 शिक्षिकाओं द्वारा बच्चे सिखाया गया रामरक्षा स्तोत्र, बच्चों को सुनाई कहानियां
रायपुर। महाराष्ट्र मंडल की आध्यात्मिक समिति द्वारा संचालित बाल संस्कार शिविर के आनलाइन मोड पर चल रही क्लास में बच्चे उत्साह के साथ शामिल हो रहे है। प्रतिदिन सोमवार से गुरुवार तक आनलाइन क्लास में बच्चे गीता के श्लोक के साथ रामरक्षा स्तोत्र का पाठ, वेदों और पुराणों से जुड़ी कहानियों का आनंद ले रहे है।
आध्यात्मिक समिति की समन्वयक आस्था काले ने बताया कि आनलाइन क्लास में तीन बैच में बांटा गया है। पहली बैच में छोटे बच्चे है। इस बैच को सभासद मंजूषा मरकले और आकांक्षा गद्रे संस्कारित कर रही है। मंगलवार को बच्चों को रामरक्षा स्तोत्र के 10 श्लोक अर्थ सहित पाठ कराया गया। आकांक्षा गद्रे ने बच्चों को गीता का महत्व बताते हुए गणेश जी और रानी लक्ष्मी बाई की कथा सुनाई।
संस्कार शिविर के दूसरे बैच को चारूशीला देव और संध्या खंगन लीड कर रही है। मंगलवार को इस बैच के बच्चों को सुबह की प्रार्थना, पैराणिक कहानी और जनरल नॉलेज का अभ्यास कराया गया। इसके साथ हनुमान चालीसा, दस दिशा, हिंदू महीने और त्योहारों की जानकारी दी गई। वहीं बच्चों से रोचक पहेलियों भी पूछा गया।
शिविर की तीसरी बैच को मंजूषा वैशंपायन और सृष्टि दंडवते लीड कर रही है। इस बैच के बच्चों को रामरक्षा स्तोत्र के 15 श्लोक, चार धाम, चार वेद, सप्तऋषि, चार युग की कहानी सुनाई गई। वहीं हिंदी महीने के शुक्ल और कृष्ण पक्ष, पूर्णिमा, अमावस्या के बारे में बताया गया।