वल्लभ नगर केंद्र द्वारा बाल संस्कार शिविर 8 अगस्त से, माह के हर शनिवार को लगाया जाएगा शिविर
रायपुर। बच्चों में संस्कार के बीजारोपण का कार्य सबसे अच्छा माताएं करतीं है। महाराष्ट्र मंडल की मातृ शक्तियों ने भी इस काम का बीड़ा उठाया है। मंडल के वल्लभनगर महिला केंद्र द्वारा आगामी 8 अगस्त से हर शनिवार को बाल संस्कार शिविर का आयोजन किया जाएगा। वहीं इस अवसर पर सभी महिलाओं द्वारा हनुमान चालीसा का पाठ भी नियमित रुप से किया जाएगा। वल्लभ नगर महिला केंद्र की मासिक बैठक का आयोजन शनिवार एक अगस्त को संत ज्ञानेश्वर स्कूल प्रांगण में किया गया। इस अवसर पर विशेष रुप में मंडल की महिला प्रमुख विशाखा तोपखानेवाले मौजूद थीं।
वल्लभ नगर महिला केंद्र की संयोजिका कांचन पुसदकर ने बताया कि केंद्र की मासिक बैठक का शुभारंभ श्रीहनुमान चालीसा पाठ के साथ किया गया। महिला प्रमुख विशाखा तोपखानेवाले ने सभी महिलाओं को समाज के प्रति उनकी जिम्मेदारियों के बारे में बताते हुए कहा कि घर के कार्यों के साथ हमें समाज प्रति अपनी जिम्मेदारी का भी निर्वहन करना है।

जिसके बाद मनोरंजन के लिए महिलाओं को गेम्स खिलाए गए। प्राजक्ता पुसदकर और मेघा ऋषि ने सभी से ऐसे पत्तियों के नाम लिखवाए जो किसी न किसी काम आती है। जैसे शिव जी में चढ़ने वाली बेलपत्र, खाने का स्वाद बढ़ाने वाली पत्तियां। स्वास्थ्य लाभ देने वाली पत्तियां, मुखवास के उपयोग में आने वाली पत्तियां। इसमें सीमा तिग्गा प्रथम, शुभांगी आप्टे द्वितीय और अर्चना जतकर तृतीय रहीं। इसी तरह कांचन पुसदकर और माधुरी गाडगिन ने सभी से सावन और देश भक्ति से संबधित गाने गवाए और सभी को एक सूत्र मे बंधे रहने का संदेश दिया।
अंत में हरित श्रंगार प्रतियोगिता का आयोजन हुआ। जिसमें जिसमें सबसे ज्यादा हरी चीजों से श्रृंगार करके पहुंची नूतन दामले प्रथम रही। वहीं आशा बारेवार द्वितीय स्थान पर रहीं। इन प्रतिभागियों से धर्म से संबंधित, हनुमान चालीसा से संबंधित प्रश्न भी पूछे गए। जिसका सभी ने उत्साह के साथ उत्तर दिया। अंत में कांचन पुसदकर ने आभार व्यक्त किया।

इस अवसर पर केंद्र की सह संयोजिका मानसी विठालकर, वंदना पाटिल, प्रीति केसकर, माधुरी गाडगिल उषा काकडे, विनीता वैरागडे, प्रेम बिठाकर, चित्रा कोल्हे, विजय चौधरी, शोभा थाना मानसी, सुलु ताई हरडीकर, रोहिणी पेडसे, रोहिणी चिमोटे, हर्षा अदाहु, आशा बरेवार, संगीता पवार, शोभा मोहता, लीना केवकर, माधुरी गाडगिल प्राजक्ता पुसदकर, मेघा ऋषि, सुभागी आपटे, वैभवी चौधरी, सुलभा विठालकर, मनीषा सदन, जया काले, सुहानी पवार, वंदना पाटिल, नूतन दामले, अपर्णा पेडसे, अर्चना राखड़े, अर्चना जतकर, सुरेखा मेघा वाले, प्रतिमा आगलावे, सीमा तिग्गा उपस्थित थीं।