संत ज्ञानेश्वर विद्यालय में मनाया गया स्वतंत्रता दिवस… बच्चों ने दी सांस्कृतिक प्रस्तुति
रायपुर। महाराष्ट्र मंडल द्वारा संचालित संत ज्ञानेश्वर विद्यालय में आजादी के 80वाँ वर्षगांठ धूमधाम से मनाई गई। महाराष्ट्र मंडल की महिला प्रमुख विशाखा तोपखानेवाले ने ध्वजारोहण किया। सामूहिक राष्ट्रगीत और राष्ट्रगान के साथ बच्चों ने तिरंगे को सलामी दी। वहीं छोटे-छोटे बच्चों ने देशभक्ति से ओत प्रोत सांस्कृतिक प्रस्तुति दी। प्री प्राइमरी के बच्चों ने सुंदर कविता पाठ कर खूब तालियां बटोरी।

बच्चों को संबोधित करते हुए महिला प्रमुख विशाखा तोपखानेवाले ने कहा कि हम सबसे पहले भारत की नागरिक है, स्कूलों में गुरुजन हमें अच्छी भाषा और अच्छे संस्कार देते हैं। आज हमें दूसरों के सम्मान करने का संकल्प लेना होगा। उन्होंने बच्चों को बताया कि 15 अगस्त और 26 जनवरी दोनों ही दिनों में ध्वजारोहण के पूर्व ध्वज की स्थिति भिन्न-भिन्न होती है। 15 अगस्त में जहां झंडे को नीचे से ऊपर ले जाकर फहराया जाता है वहीं 26 जनवरी को हमारा संविधान लागू हुआ था और देश आजाद हो चुका था इसलिए झंडा ऊपर ही रहता है, और उसे वहीं से फहराया जाता है।

बच्चों को संबोधित करते हुए महाराष्ट्र मंडल के वरिष्ठ सभासद प्रसन्न निमोणकर ने बच्चों के चारों हाउस और उसके रंगों और उन रंगों के हमारे जीवन में सकारात्मक प्रभाव के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि पीला रंग सूर्य के प्रकाश, लाल रंग सिंदूर व आलता, हरा रंग हरियाली और शांति का तथा नीला रंग आकाश की भांति प्रकाशमान होने की सीख देता है। उन्होंने बच्चों से कहा कि अगर उनके घर पर कोई ऐसा बुजुर्ग को जिसने परतंत्र भारत देखा होगा तो उनसे मिले और जाने कि उस समय का जीवन कैसा था। आजादी के लिए हमें कितना संघर्ष करना पड़ा।
प्राचार्य मनीष गोवर्धन ने अपने अध्यक्षीय भाषण में सभी को स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि स्वतंत्रता दिवस का यह पावन पर्व माँ भारती की वंदना का दिन है। आज हम भारत माता के उन सभी महान सपूतों को नमन कर रहे हैं, जिन्होंने देश की आज़ादी के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर कर दिया। वहीं शाला के सहप्रभारी नवीन देशमुख ने सभी इस स्वतंत्रता दिवस पर स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लेने के बात कहीं। कार्यक्रम का संचालन वर्षा परिदा और हिमांशी लोढ़ा ने किया। वहीं दिव्यांश ने स्वतंत्रता दिवस पर स्पीच प्रस्तुत किया।