तान्हा पोळा: बच्चों की क्रिएटिविटी से बना ग्रामीण माहौल
2026-09-11 07:41 PM
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0- प्रज्ञा के मूक- बधिर स्कूल के बच्चे भी बने प्रतिभागी, करीब 50 बच्चों ने निभाई सहभागिता
0- बैल सजाओ स्पर्धा में तीन आयु वर्गों में स्वनय, संतृप्ति और अनवी रहे विजेता
रायपुर। छत्तीसगढ़ी में ‘पोरा तिहार’ कहो या मराठी में ‘तान्हा पोळा’ दोनों एक ही उत्सव है। महाराष्ट्र मंडल में आयोजित ‘तान्हा पोळा’ उत्सव में महाराष्ट्रीयन परिवारों के साथ अन्य समाजों के लोगों ने भी सहभागिता निभाई और उत्सव का आनंद दोगुना कर दिया। इस उत्सव में प्रज्ञा विद्यालय के मूक बधिर बच्चों ने सहभागिता निभाकर कई गुना उत्साह बढ़ा दिया। हर आयु वर्ग के बच्चों की बैल जोड़ी में गजब की क्रिएटिविटी नजर आई। उत्सव में आकर्षक बैल, रंगोली और बच्चों की क्रिएटिविटी से आयोजन स्थल पर ग्रामीण माहौल बन गया। कुछ बच्चे अपने घरों से 50- 60 साल पुराने लकड़ी के खूबसूरत बैल लाकर आकर्षण का केंद्र बने रहे।

अपनी सांस्कृतिक धरोहर को संजोकर चल रही महाराष्ट्र मंडल की संस्कृति समिति ने तान्हा पोळा उत्सव का ऐसा आयोजन किया, जो ऐतिहासिक बन गया। क्योंकि पिछले साल तक चार- पांच- सात प्रविष्टियों वाले तान्हा पोळा में इस बार करीब 50 बच्चों ने अपने खूबसूरत सजे- धजे बैलों के साथ भाग लिया। संस्कृति समिति के समन्वयक प्रेम उपवंशी, सचिव चेतन दंडवते, महिला प्रमुख विशाखा तोपखानेवाले, उपाध्यक्ष गीता दलाल, स्पर्धा की निर्णायक चारूशीला देव और धनश्री पेंडसे ने दीप प्रज्ज्वलन के साथ कार्यक्रम की शुरुआत की।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मंडल अध्यक्ष अजय काले ने सभी प्रतिभागियों के साथ उनके अभिभावकों को भी बधाई देते हुए आभार जताया। काले ने कहा कि महाराष्ट्र मंडल संस्कृति को सहेजने और अगली पीढ़ी तक उसे प्रतिष्ठित करने के अभियान में गत कई दशकों से लगा हुआ है। उसी कड़ी में अभिभावकों के साथ उनकी बच्चों ने तान्हा पोळा में जो सहभागिता निभाई वह भविष्य को लेकर संभावनाएं जगातीं हैं। बच्चों के उत्साह को देखते हुए आश्चर्य नहीं कि जल्दी ही यह आयोजन महाराष्ट्र मंडल को मैदान में करना पड़े। सचिव चेतन दंडवते ने कहा कि इस वर्ष लोगों की सहभागिता काफी अच्छी है।

स्पर्धा के विजेता:-
बैल सजाओ स्पर्धा को तीन अलग-अलग आयु वर्ग में आयोजित किया गया। प्रथम वर्ग चार वर्ष से छोटे बच्चों का था, जिसमें स्वनय देशमुख विजेता और आर्विका बनोदे उप विजेता रहीं। चार से नौ वर्ष आयु वर्ग में संतृप्ति केसकर प्रथम, आश्रणी बोबडे द्वितीय और सर्वज्ञ और अभिग्या शुक्ला संयुक्त से तृतीय रहे। नौ से 15 वर्ष के आयु वर्ग में अनवी राउत अव्वल, अद्विता बल्कि दूसरे और आरोही भुजाड़े तीसरे स्थान पर रहीं।