दिव्य महाराष्ट्र मंडल

सस्पेंस और थ्रिलर से भरे नाटक ‘जस्टिस’ ने दर्शकों को किया रोमांचित

- खचाखच भरे हाल में हुए नाटक जस्टिस का मंचन
रायपर। पुरानी हवेली में चौकीदार और  उसकी बेटी का भजन पर नृत्य, मूसलाधार बारिश, बादल का गर्जन और बारिश  के बीच कोई जोर से चिल्लाता है, हवेली में नरकंकाल मिला है, नर कंकाल..। फिर शुरू होती लोगों की गॉसिप, कोई आश्चर्यजनक ढंग से कहता है कि सालों से हवेली में कोई आया नहीं फिर नरकंकाल आया कहाँ से। वहीं दूसरा कहता है यह तो मंत्री की हवेली है....  तभी मंच पर अंधेरा दिखाई पड़ता है और मंच के एक कोने में एक झूले वाली चेयर में जज के लिबाज में बैठे एक आदमी की आवाज आती है... घबराइए नहीं, आप लोग सही पहचान रहे हो मैं मृत के.एल. माथुर ही हूँ और फिर शुरू होता है 40 मिनट का थ्रिलर ड्रामा...। 
 

बात हो रही है हिंदी नाटक ‘जस्टिस’ की, जिसका मंचन मंगलवार, 15 सितंबर को शाम 7:30 बजे महाराष्‍ट्र मंडल में संत ज्ञानेश्‍वर सभागृह के कुमुदिनी वरवंडकर स्‍मृति रंगमंच पर किया गया। मेजर यशवंत गोरे स्‍मृति गणेशोत्‍सव के दूसरे दिन पवन ओगले लिखित और आचार्य रंजन मोड़क निर्देशित हिंदी नाटक ‘जस्टिस’ की केंद्रीय भूमिका यानी मृत जज की भूमिका में आचार्य चेतन गोविंद दंडवते प्रभावशाली अभिनय करते दिखे। उनकी दमदार आवाज से लोगों को अंत तक बांधे रखा।  पूरी तरह काल्पनिक इस नाटक में मुख्य अतिथि के रूप में बिजली कंपनी के एमडी भीम सिंह कंवर सपत्नीक पहुंचे थे। वहीं सीएसपी एंटी करपक्शन ब्यूरो राजेश चौधरी विशेष अतिथि के रूप उपस्थित थे ।
 

नाटक में वकील की सीधे साधे वकील की भूमिका में समीर टल्लू ने जान डाल दी। जज के भय से वकील ने एक ही बार में अपनी गलती स्वीकार कर ली। लेकिन इस गलती के पीछे का दोषी अन्य किरदारों को बना दिया। मंत्री के किरदार का रविंद्र ठेंगड़ी ने इतने अच्छे से निभाया कि सभी ने उनके अभियन की खूब तारीफ की। पवन ओगले, भारती पलोसकर, विनाद राखुंडे और अक्षदा मातुरकर के कसे हुए संवादों के साथ रंगप्रेमी दर्शकों ने एक कत्‍ल की तफ्तीश को करीब से होते हुए देखा। अंत तक सभी इस बात पर उलझे रहे कि आखिर अनुराधा का खून किसने किया। जब लोगों को उसके असली कातिल का पता चलता है तो सभी भौचक्के रह जाते है।  
 
 
बैकग्राउंड म्‍यूजिक के माध्‍यम से नाटक को और भी डरावना और रोमांचक बनाने के लिए अस्मि जैन के साथ चैतन्‍य मोडक ने खासी मेहतन की है। गौरव वर्मा व लोकेश साहू का प्रकाश संयोजन और प्रकाश गुरव व  नानक गहलोत का मंच सज्जा ‘जस्टिस’ और भी यादगार बनाएगा।