दिव्य महाराष्ट्र मंडल

अनोखे शिल्पकार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी को जन्मदिन पर असंख्य बधाई

अजय मधुकर काले,

आज 17 सितंबर को देवशिल्पी भगवान विश्वकर्मा की जयंती और हमारे यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र दामोदर दास मोदी का जन्मदिन है। भगवान विश्वकर्मा को हिंदू धर्म में सृष्टि के प्रथम शिल्पकार, वास्तुकार और निर्माण कला का देवता माना जाता है। भगवान विश्वकर्मा ने सोने की लंका, भगवान कृष्ण की द्वारका नगरी, और पांडवों के लिए इंद्रप्रस्थ का निर्माण किया था। उन्होंने देवताओं के लिए कई अस्त्र-शस्त्र बनाए, जिनमें इंद्र का वज्र भी शामिल है। हम भारतवासी उनके जन्मदिन को श्रम दिवस के रूप में मनाते है। और संयोग यह है कि हमारे प्रधानमंत्री जी की भी जन्मदिन आज के ही दिन पड़ता है। उनकी बचपन से अब तक की यात्रा को देखेगें तो हमें अनुभव होगा कि किन विपरित स्थितियों में राज्य का फिर देश के प्रधान सेवक की महत्त्वपूर्ण जबाबदारी कर्तव्य के रूप में निभा रहे है।

वे आज बच्चों, बुजुर्गों, महिलाओं और युवाओं के प्रेरणा स्त्रोत बन गए है।  पहले कोई निर्णय ही न लेना सबसे बड़ा निर्णय होता था, लेकिन मोदी जी ने देश के विकास में रिस्क लेते हुए धड़ाधड़  निर्णय लेकर विकास के सारे रास्ते खोल दिए।  नोटबंदी हो, एक देश एक कर GST हो, कश्मीर का 370 का प्रकरण हो या महिलाओं के उत्थान के लिए ट्रिपल तलाक का मामला हो, देश में स्वच्छता का जनजागरण हो, शौचालय निर्माण हो, सिगड़ी के धुएँ से मुक्ति हेतु उज्ज्वला गैस हो या गांव गांव में विद्युत उपलब्धता हो, निर्धन को भी बैंक खाता ओपन कर के सहायता हो, कृषकों  की आय बढ़ाना हो बेरोज़गारों को स्वरोजगार के लिए बैंक से सहयोग हो, महामारी कोरोना में स्वास्थ्य सुरक्षा जान बचाना हो, विश्व में भारत को इज्जत दिलाना हो, लोकल को स्वदेशी जागरण हो या राष्ट्र प्रेम जागरण करना हो, क्या लिखे क्या छोड़े,  हर बड़े छोटे निर्णय के पीछे  प्रॉपर प्लानिंग क्रियान्वयन रिजल्ट सफलता।

कार्य करते समय लोगों के ताने, अपेक्षित रिजल्ट न मिलने के बाद भी उत्साह में कोई कमी नहीं दोगने उत्साह से कार्य करना। यह सब सीखने अनुकरण करने के लिए है। कोई भी उम्र के है कोई भी प्रोफेशन से है कोई भी व्यवसाय से है चाहे श्रमिक हो या उद्योग जगत से हो पक्ष से हो या विपक्ष से हो सीखना चाहिए कि विपरित परिस्थितियों में धैर्य के साथ कैसे स्थिति अनुकूल हो सकती है।

विकास के लिए क्या-क्या कदम उठाने होंगे कैसे सबको अपना बनाना है और उसके लिए खुद को हमेशा अपडेट करते रहना है। राजनीति में हर निर्णय के पीछे विरोध जिन मुद्दों पर होता है उससे भी सीख लेकर विशाल भारत का नेतृत्व करना जहां कहा जाता है कि कोयले की दलाली में हाथ काला होता है से भी बेदाग छबि बनाना अनुकरणीय है। व्यक्ति कार्य करता है उसके अधीनस्थ भी पूरी ईमानदारी निष्ठा से कार्य करें, ये असंभव होता है परंतु पूरे टीम से एक विजन उद्देश की पूर्ति हेतु कार्य कराना कार्य करने की प्रेरणा देना स्वयं कार्य करना ये सिर्फ हमारे पूज्यनीय प्रधानमंत्री ही कर सकते है। आज जन्मदिन के अवसर पर असंख्य शुभकामनाएं। हमेशा आप से पूरे देशवासी प्रेरणा लेते रहे, घर समाज राष्ट्र को मजबूत करते रहे।

लेखकः महाराष्ट्र मंडल के अध्यक्ष और मोटिवेशनल स्पीकर है।