‘सूचना तो जल्दी मिल रही लेकिन आत्मीयता हो रही दूर’
- वाद-विवाद स्पर्धाः सोशल मीडिया ने मानव संचार को बेहतर बनाया

वाद-विवाद स्पर्धा में संत ज्ञानेश्वर विद्यालय, लक्ष्मी नारायण विद्यालय, गुजराती स्कूल के बच्चों ने उत्साह के साथ भाग लिया। स्पर्धा की शुरुआत प्राची नाईक ने पक्ष में अपना विचार व्यक्त करते हुए कहा कि आज सारी चीजें सोशल मीडिया में सरलता से हमें मिल रही है। सोशल मीडिया के माध्यम से हमें बिहार के खान सर के बारे में पता चला। इसी सोशल मिडाय ने उन्हें जन-जन तक पहुंचाया। आज हजारों बच्चे उनकी क्लास अटैंड कर रहे है। प्राची की बात का खंडन करते हुए संत ज्ञानेश्वर विद्यालय के उज्ज्वल द्विवेदी ने कहा कि इंटरनेट मीडिया और सोशल मीडिया में बड़ा फर्क है। खान सर की पठन सामग्री इंटरनेट मीडिया में उपलब्ध है। जहां जानकारी का खजाना है,लेकिन बात हो रही है सोशल मीडिया इसका सही ढंग से इस्तेमाल न करना काफी हद तक हमारे लिए नुकसानदायक है। बीते दिनों फिल्मस्टार धर्मेंद्र के मौत की खबर सोशल मीडिया में तेजी से वायरल हुई। फिर इंटरनेट मीडिया यानी प्रिंट और इलेक्ट्रानिक मीडिया के माध्यम से इसके सत्यता की पुष्टि हुई। गुजराती स्कूल की पायल साहू ने का कि सोशल मीडिया सूचना का सशक्त माध्यम है। यह आम आदमी का अधिकार है। जो देश को तरक्की कर रहा है उसमें सोशल मीडिया का भी बड़ा सहयोग है। पायल साहू की बातों का खंडन करते हुए डिंपल अवधिया ने कहा कि सोशल मीडिया के माध्यम से देश तरक्की कर रहा है लेकिन आज हर घर में आपसी दूरी बढ़ती जा रही है।

पक्ष में अपना विचार रखते हुए लक्ष्मी नारायण स्कूल की वैशाली मानिकपुरी ने कहा कि कई लोग ऐसे होते है जो खुले मंच पर अपने बात नहीं रख पाते ऐसे लोगों के लिए सोशल मीडिया एक अच्छा प्लेटफार्म है। आज कई घरों की गृहणिया इन्हीं सोशल मीडिया प्लेटफार्म में अपना टैलेंट दिखाकर प्रसिद्धी पा रही है। वहीं विपक्ष पर अपने विचार रखते हुए आकांक्षा सिन्हा ने कहा कि सोशल मीडिया की लत बड़ों के साथ बच्चों को भी लग रही है। बच्चे मोबाइल पर बिना रील्स देखे खाना नहीं खा रहे, यह एडिक्शन आगे लगाकर चलकर बड़ी परेशानी बनती है। पीहू सोना ने कहा कि सोशल मीडिया ने गांवों को ग्लोबल पहचान दी। वहीं नीलू सोनकर ने कहा कि बच्चे मोबाइल स्क्राल में अपनी समय बर्बाद कर रहे है. कुछ प्रतिशत बच्चे ही ज्ञान की चीजें देखते है, बाकी फालतू के रील्स में अपना भविष्य खराब कर रहे है। कुमकुम यादव ने पक्ष पर अपना विहार रखते हुए कहा कि सोशल मीडिया पर आप क्या देखने चाहते हो यह आपकी सोच पर निर्भर करता है। सोशल मीडिया आज हमारी आवश्यकता नहीं अनिवार्यता है। वहीं संत ज्ञानेश्वर ते तन्मय भगाड़े ने विपक्ष पर अपने विचार रखते हुए सोशल मीडिया से फैली असुरक्षा की भावना पर चिंता व्यक्त की। तन्मय ने कहा कि सोशल मीडिया न जाने कितने लोग हमारी निजी जानकारी का मिसयूज करने के लिए बैठे है, एक पोस्ट और हमारी निजी जानकारी उनके पास। ऐसे में हमें इसके इस्तेमाल को लेकर संजीदा होना पड़ेगा।

युवा समिति की समन्वयक डा. शुचिता देशमुख ने बताया कि वाद-विवाद प्रतियोगिता में निर्णायक के तौर पर सेवानिवृत्त प्राचार्य श्यामल जोशी, सेवानिवृत्त शिक्षिका कुमुद लाड और वरिष्ठ पत्रकार रविंद्र ठेंगड़ी उपस्थित थे। स्पर्धा में प्रथम स्थान पक्ष से गुजराती स्कूल की पायल साहू और विपक्ष से संत ज्ञानेश्वर के तन्मय भगाड़े रहे। वहीं दूसरे स्थान पर संत ज्ञानेश्वर की डिंपल अवधिया और लक्ष्मी नारायण विद्यालय की पीहू सोना रही। कार्यक्रम का संचालन युवा समिति के उदित बक्षी ने किया। कार्यक्रम में महाराष्ट्र मंडल की उपाध्यक्ष गीता श्याम दलाल, कार्यकारिणी सदस्य मालती मिश्रा, सहसचिव अजय पोतदार, प्रवीण क्षीरसागर, युवा समिति की प्रमुख श्रावणी मुकादम सहित युवा समिति की टीम उपस्थित थीं।