शहर के वास्तुविदों के कार्यों की तीन दिवसीय प्रदर्शनी मरीन ड्राइव में 3 अक्टूबर से
2026-10-01 10:16 PM
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- आमजनों के लिए 'द इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ़ आर्किटेक्ट्स छत्तीसगढ़ चैप्टर' और रायपुर सेंटर का आमजनों के लिए आयोजन
रायपुर। द इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ़ आर्किटेक्ट्स छत्तीसगढ़ चैप्टर और रायपुर सेंटर की ओर से मरीन ड्राइव में तीन से पांच अक्टूबर तक शहर के वास्तुविदों के कार्यों की प्रदर्शनी लगाई जाएगी। इसका प्रमुख उद्देश्य आम लोगों को वास्तुकला के बारे में जागरूक करना हैI प्रदर्शनी का उद्धघाटन सांसद बृजमोहन अग्रवाल और महापौर मीनल चौबे शनिवार को दोपहर दो बजे करेंगी। यह नि:शुल्क प्रदर्शनी आमजनों के लिए तीन दिनों तक सुबह 10 से रात 10 बजे तक खुली रहेगीI
द इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ़ आर्किटेक्ट्स छत्तीसगढ़ चैप्टर के चैयरमैन सौरभ राहटगांवकर ने बताया कि इस आयोजन की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि वास्तुकारों के कार्यों को केवल पेशेवर समुदाय तक सीमित न रखते हुए आम जनता के बीच प्रदर्शित किया जाएगा। इससे लोग विभिन्न प्रकार के भवनों और सार्वजनिक स्थानों के पीछे की डिजाइन सोच, योजना, तकनीक और रचनात्मकता को अच्छी तरह समझ सकें। प्रदर्शनी के माध्यम से यह भी बताया जाएगा कि वास्तुकला का संबंध केवल सुंदर इमारतों से नहीं बल्कि सुरक्षित, सुविधाजनक, समावेशी, टिकाऊ और बेहतर शहरों के निर्माण से है।
सौरभ के अनुसार कार्यक्रम युवा वास्तु विद्यार्थियों के लिए भी विशेष रूप से उपयोगी होगा। उन्हें अनुभवी वास्तुकारों के कार्यों को देखने, नई डिजाइन अवधारणाओं को समझने और अपने विचारों को प्रस्तुत करने का अवसर मिलेगा। इससे वास्तुकला के क्षेत्र में नई प्रतिभाओं को प्रोत्साहन मिलेगा। इस आयोजन के माध्यम से हम यह बताना चाहतें हैं कि वास्तुकला केवल वास्तुकारों का विषय नहीं, बल्कि हर नागरिक के जीवन से जुड़ा विषय है। जिस प्रकार हमारे शहर और भवन हमारे जीवन को प्रभावित करते हैं, उसी प्रकार एक जागरूक समाज बेहतर और अधिक मानवीय शहरों के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
सौरभ राहटगांवकर ने भरोसा जताया कि यह कार्यक्रम वास्तुकला और आम जनता के बीच एक सार्थक संवाद की शुरुआत करेगा। लोगों को अपने आसपास के निर्मित वातावरण को एक नई दृष्टि से देखने के लिए प्रेरित करेगा। द इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ़ आर्किटेक्ट्स छत्तीसगढ़ चैप्टर के अन्य पदाधिकारियों ने भी आमजनों से वास्तुविदों के कार्यों की प्रदर्शनी को देखने का आग्रह किया है, ताकि वे अन्य शहरों व राज्यों में यहां के वास्तुविदों के संदर्भ में सकारात्मक व सारगर्भित बातें कर सकें।