दिव्य महाराष्ट्र मंडल

संत ज्ञानेश्वर विद्यालय के बच्चों ने किया मां के ब्रह्मचारिणी स्वरुप का वर्णन

रायपुर। महाराष्ट्र मंडल द्वारा संचालित संत ज्ञानेश्वर विद्यालय की मार्निंग असेंबली में 12 अक्टूबर को सुबह बच्चों ने नवरात्र के दूसरे दिन मां ब्रह्मचारिणी के स्वरूप का वर्णन किया। वहीं शिक्षिका ने बच्चों को उपवास और खानपान से जुड़ी जानकारी दी गई।

शिक्षिका अपर्णा आठले ने बताया कि नवरात्र के दूसरे दिन की मार्निंग असेंबली का कंडक्शन प्रियल प्रशांत थावर ने किया। शिक्षिका प्रीति तिवारी और छात्रा अभिज्ञा शुक्ला ने मां ब्रह्मचारिणी के स्वरुप का वर्णन किया। शिक्षिका प्रीति ने कहा कि 'ब्रह्मचारिणी' शब्द 'ब्रह्म' (तपस्या) और 'चारिणी' (आचरण करने वाली) से मिलकर बना है। माँ ब्रह्मचारिणी श्वेत (सफेद) वस्त्र धारण करती हैं, जो पवित्रता, सादगी और शांति का प्रतीक है। उनके दाहिने हाथ में जप की माला (अक्षमाला) होती है, जो निरंतर साधना और मंत्र जाप दर्शाती है। उनके बाएं हाथ में कमंडल (जलपात्र) होता है, जो संयम और वैराग्य का प्रतीक है।

कक्षा चौथी के छात्र रोहन साहू, वेदांशी साई, चिराग कोठारी, सुहानी आठले और प्रियल थावर ने नवरात्र के दौरान हमारे डाइट प्लान को एक चार्ट के माध्यम से बच्चों को समझाया। पूरी असेंबली ग्रीन हाउस इंचार्ज शिक्षिका रेणुका शुक्ला के मार्गदर्शन में हुई।