जन्म—मरण में सिर्फ एक सांस का अंतर है... व्यासपीठ से नीताताई ने... श्रीमद्भागवत का बताया सार
2023-08-18 07:44 PM
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रायपुर। तात्यापारा, हनुमान मंदिर में भजनानंद समूह एवं मंदिर समिति के संयुक्त तत्वाधान में श्रीमद् भागवत कथा कार्यक्रम का आयोजन किया गया है, जिसमे कीर्तनकार ह.भ.प. नीताताई पुल्लीवार का आगमन हुआ है। दिनांक 18 अगस्त को भगवान की दिंडी (पालखी)निकाली गई, जिसका स्वागत हनुमान मंदिर तत्यापारा में धूमधाम से किया गया। तत्पश्चात कथा वाचन का कार्यक्रम आरंभ हुआ।
उन्होंने कहा, ऐसा माना जाता है कि परीक्षित राजा को सातवें दिन मरने का श्राप था तभी से 7 दिन का भागवत सप्ताह होने की परंपरा चली है ताकि उन्हें पुण्य मिले और 7वें दिन मोक्ष की प्राप्ति हो। नीता माऊली का कहना है कि हम सभी 7 दिन के उसी श्रृंखला में हैं, क्योंकि सातवें दिन के बाद आठवां दिन होता ही नहीं है, तो किस चीज का हम गर्व करते हैं।
जन्म मरण में सिर्फ एक सांस का अंतर है, कल क्या होगा कोई नहीं बता सकता। नर का नारायण होना यह मनुष्य जन्म का उद्देश्य हो तभी मोक्ष की प्राप्ति हो सकती है। श्रीमद् भागवद, रामायण एवं महाभारत हिंदू धर्म के त्रिनेत्र है। जिन्होंने देखा, सुना, समझा उनका जीवन मानो पार लग गया। मन को स्थिर करना जरूरी है।
उन्होंने सबसे करबद्ध निवेदन किया कि विवेक को जगाए रखें, सत्संग में रहें, समय निकालकर कुछ अच्छा सुने, बोले और देखें। उन्होंने कहा कि धर्मग्रंथ जैसे गीता, ज्ञानेश्वरी को दूसरों को बताए एवं प्रचार करें ताकि आप भगवान के प्यारे भक्त बन सके, और जो भगवान को प्यारा वह सब को प्यारा हो ही जाता है।
हम बहुत भाग्यवान है जिन्होंने स्वर्ण युग में जन्म लिया जो अयोध्या में बनने वाले श्री राम मंदिर के दर्शन लेंगे। हिंदू राष्ट्र की संकल्पना में अपना भी भाग देते हुए अगली पीढ़ी को संस्कारी बनाने के लिए संस्कार वर्ग का चलना बहुत ही जरूरी है। उन्होंने आह्वान किया कि एक कृष्ण या अर्जुन या विवेकानंद को गढ़ने की कोशिश करें।
समाज प्रबोधन से भरे हुए ऐसे भागवत कथा कार्यक्रम का भक्तों ने आनंद ग्रहण किया एवं भजन, आरती, प्रसाद वितरण से आज के कथा का समापन हुआ। कल 19 अगस्त को दोपहर 3:00 बजे अगले अध्याय का आरंभ होगा जिसमें विषय होगा 'गोपेश्वर'आप सब भक्तजनों को विनती है कि कार्यक्रम में पधार कर अपनी उपस्थिति देवें।