दिव्य महाराष्ट्र मंडल

बच्चों ने बनाए सीड बाल वाले मिट्टी के गणेश... श्रीगणेश को दिया आकर्षक स्वरूप

रायपुर। अपनी सांस्कृतिक धरोधर को संजोकर चल रही महाराष्ट्र मंडळ ने 17 सितंबर को बच्चों को मिट्टी के श्रीगणेश की प्रतिमा बनाने की ट्रेनिंग दी। लगातार 10 वर्षों से चल रहे इस काम में इस वर्ष भी 30 से अधिक बच्चों ने अपनी भागीदारी निभाई। बच्चों ने मिट्टी से श्री गणेश को आकर्षक स्वरूप प्रदान किया। खुद से मिट्टी के गणेश बनाकर बच्चों में अच्छी खासी खुशी देखी गई। मिट्टी से बनी सभी प्रतिमा में सीड बाल डाला गया है। बच्चों प्रतिमाओं का विसर्जन घर के गमलों में करेंगे ताकि इस मिट्टी से एक पौधा निकलकर आए। 

महाराष्ट्र मंडळ के कला एवं संस्कृति प्रभारी अजय पोतदार के मार्गदर्शन में बच्चों ने श्रीगणेश की प्रतिमा बनाई। अजय ने बताया कि अपनी संस्कृति और संस्कार को संजोने के लिए मिट्टी के श्रीगणेश बनाने का काम पिछले 10 सालों से चल रहा है। साल दर साल इसमें भाग लेने वालों की संख्या बढ़ रही है। इस वर्ष 30 से अधिक बच्चों ने अपनी सहभागिता निभाई और प्रतिमा का निर्माण किया।

अजय ने बताया कि मिट्टी मंडळ की ओर से उपलब्ध कराई गई थी। उन्होंने बताया कि मिट्टी से श्रीगणेश की प्रतिमा बनाने के लिए सर्वप्रथम कुल मिट्टी को पांच बराबर भागों में बांटा गया। पहले भाग से प्रतिमा के लिए बेस तैयार किया गया। दूसरे भाग से भगवान का पेट वाला हिस्सा तैयार किया गया। तीसरे भाग से भगवान का सिर और शूड तैयार किया गया। चौथे भाग के दो हिस्से कर दोनों पैर बनाए गए। पांचवें भाग के चार हिस्से कर श्रीगणेश के चारों हाथ तैयार किए गए। मिट्टी को पांच बराबर हिस्सों में इसलिए बांटा गया ताकि प्रतिमा के सारे अंग बराबर बने कोई मोटा पतला न हो।

अजय ने बताया कि मिट्टी के गणेश बनाने वाले सभी प्रतिभागियों को मंडळ की ओर से प्रमाणपत्र प्रदान किया गया। इस अवसर पर  भारती पलसोदकर, अंकिता किरवई, नमिता शेष, गीता दलाल, अर्चना मुकादम, शेखर क्षीरसागर, किशोर साहू, नवीन देशमुख, सोनल फडनवीस, प्रगति ओगले, तृप्ति तामस्कर, मनीषा पाटिल पर्यावरण प्रमुख अभय भागवतकर और वैभव बर्वे विशेष रूप से उपस्थित थे।