दिव्य महाराष्ट्र मंडल

महाराष्ट्र मंडळ में हुई शिवाजी महाराज की महाआरती

रायपुर। चौबे कालोनी स्थित महाराष्ट्र मंडल में छत्रपति शिवाजी महाराज की महाआरती की गई। मंडल की युवा समिति की ओर से प्रतिमाह 19 तारीख को यह महाआरती की जाती है। इस पर भगवान श्रीगणेश की स्थापना और शिवाजी महाराज की आरती एक साथ हुई। श्रीगणेश की स्थापना के बाद रात 8 बजे श्री शिवाजी महाराज की महाआरती की गई। बतादें कि मंडळ की युवा समिति की ओर से हर माह की 19 तारीख को शिवाजी महाराज की महाआरती की जाती है। 
 
इस अवसर पर महाराष्ट्र मंडल के आजीवन सभासद कल्याण देशपांडे ने कहा कि आज हमारा सौभाग्य है कि भगवान श्रीगणेश की स्थापना और शिवाजी महाराज की आरती एक साथ करने का मौका मिला। उन्होंने एक किस्से का वर्णन करते हुए कहा कि शिवाजी के बढ़ते प्रताप से आतंकित बीजापुर के शासक आदिलशाह जब उन्हें बंदी न बना सका, तो उन्होंने शिवाजी के पिता शाहजी को गिरफ्तार कर लिया। इससे शिवाजी बुरी तरह बौखला गए। अपनी नीति और साहस का परिचय देते हुए उन्होंने आदिलशाह पर छापामार हमले कर अपने पिता को कैद से आजाद कराया। इसके बाद आदिलशाह ने शिवाजी को जिंदा या मुर्दा पकड़कर लाने का आदेश देकर अपने सेनापति अफजल खान को भेजा। अफजल खान ने भाईचारे और सुलह का झूठा नाटक कर शिवाजी को अपनी बाहों में भरकर मारना चाहा, पर अनुभवी शिवाजी ने हाथ में रखे बघनखे से उन्हीं का शिकार कर उसकी जान ले ली। उन्होंने कोंढाना के किले के इतिहास पर भी अपने विचार रखें। 

महाआरती में मंडळ अध्यक्ष अजय काळे, सचिव चेतन दंडवते, युवा समिति के विनोद राखुंडे, रीना बाबर, गणेशोत्सव समिति प्रभारी दीपक किरवईवाले, संत ज्ञानेश्वर स्कूल के प्रभारी निरंजन पंडित, स्कूल के सहप्रभारी पारितोष डोनगांवकर, मंडल सचेतक रविंद्र ठेंगड़ी, वरिष्ठ सदस्य अनिल काळेले, पर्यावरण समिति प्रभारी अभय भागवतकर सहित मंडल की पूरी कार्यकारिणी और बड़ी संख्या में सदस्य गण उपस्थित रहे।