दिव्य महाराष्ट्र मंडल

‘आला रे आला गणपति आला’ से गूंजा महाराष्ट्र मंडळ, महिलाओं ने दी कई मनमोहक भजन की प्रस्तुति

रायपुर। आला रे आला गणपति आला... पार्वतिच्या बाडा पायात वाडा... विसरू नको रे आई बापाला... झिजवली त्यांनी काया.. जैसे मराठी भजनों की प्रस्तुति से महाराष्ट्र मंडळ का संत ज्ञानेश्वर हाल पूरी तरह भक्तिमय हो गया। मौका था महाराष्ट्र मंडळ के गणेशोत्सव में आयोजित भजन संध्या का। महाराष्ट्र मंडल की सभी महिला केंद्र की टोली ने 25 सितंबर की शाम चौबे कालोनी स्थित महाराष्ट्र मंडळ पहुंच क्रमशः कई मनमोहक भजन की प्रस्तुति दी।

महाराष्ट्र मंडळ में आयोजित शहीद मेजर यशवंत गोरे स्मृति गणेशोत्सव के दौरान आयोजित 10 दिनी कार्यक्रमों के कड़ी में 25 सितंबर को मंडल के सभी 15 महिला केंद्र की टीम ने मंडळ पहुंच सुमधुर भजन की प्रस्तुति दी। दोपहर 3 बजे शुरू हुए भजन का सिलसिला शाम को आरती तक चलता रहा। इस दौरान सभी केंद्र की महिलाओं ने क्रमशः अपनी-अपनी प्रस्तुति दी। लगातार छह घंटे चले भजन प्रस्तुति के चलते पूरा भवन भक्तिमय हो गया।

महाराष्ट्र मंडळ की महिला प्रमुख विशाखा तोपखानेवाले ने बताया कि भजन संध्या की शुभारंभ मंडळ की आजीवन सभासद अपर्णा काळेले, हेमा बर्वे और जयश्री केलकर ने दीप प्रज्ज्वलन और मां सरस्वती के पूजन के साथ किया। भवन संध्या में पहली प्रस्तुति बूढ़ापारा महिला केंद्र की महिलाओं ने अभिनय के साथ दी। महिलाओं ने गणपति जी के भजन के साथ अपनी प्रस्तुति प्रारंभ की।  

तोपखानेवाले ने आगे बताया कि गणपति वंदना के साथ शुरू हुआ भजनों का सिलसिला छह घंटे तक चलता रहा। इस दौरान मंडळ के सभी 15 महिला केंद्र की टीम ने क्रमशः अपनी प्रस्तुति दी। महिलाओं देवों में प्रथम पूज्य श्रीगणेश के साथ भोलेनाथ शिवशंकर, देवी और भगवान विट्ठल के भजन प्रस्तुत किए। भजन संध्या में एक-एक महिला केंद्र से 20-22 महिलाओं की टोली सहित 300 महिलाएं पहुंची थी।