केक काटकर नहीं टीका लगाकर जन्म दिन मनाएगी ‘सहयोग’
रायपुर। आधुनिकता की ओर भागती जिंदगी में लोग अब अपने जन्मदिन को केक काटकर मनाने लगे है। आधुनिक पीढ़ी अपने संस्कारों को भूलती जा रही है। हमारे बुजुर्ग टीका लगाकर, बड़ों का पैर छूकर, मंदिरों में जाकर जन्मदिन मनाया करते है। महाराष्ट्रीय वरिष्ठ सदस्यों की संस्था सहयोग अब केट काटकर जन्मदिन मनाने के स्थान पर टीका लगाकर जन्मदिन मनाने की अपील सभी से कर रही है।
संस्था की सदस्या अपर्णा काळेले ने बताया कि 8 अक्टूबर को संस्था की मासिक बैठक हुई। बैठक में इस परिपेक्ष्य में निर्णय लिया गया। सदस्यों का मानना है कि अपने वाली युवा पीढ़ी को अपने संस्कारों से जोड़े रखने के लिए यह पहल आवश्यक है।
कार्यक्रम में पहुंची एनर्जी थैरेपिस्ट प्राची सरकार ने बैठक में मानसिक और आंतरिक स्वास्थ्य पर अपने विचार रखें। उन्होंने कहा कि आज के जीवन में शारीरिक स्वस्थता के साथ मानसिक रुप से स्वस्थ रहना भी बेहद जरूरी है। इसके लिए हमें खुद की केयर करनी होगी। खुद की केयर करने का सबसे अच्छा तरीका है कि आप उस काम के लिए समय निकाले जिसमें आपकी रूचि अधिक हो। इसके साथ मेडिटेशन, योगा भी काफी हद तक सहायक होता है।
बैठक में प्रमोदिनी देशमुख, नलिनी राजिमवाले, दिव्या पात्रीकर, दीपक पात्रीकर, ज्योति पंडित, माधुरी डबली, शैला गायधनी, श्रद्धा मरकड़े, ज्योति डोलक, अर्चना मुकादम सहित सभी 40 सदस्य उपस्थित थे।