मुख्यमंत्री साय को महाराष्ट्र मंडळ का प्रस्ताव.. सामाजिक संगठनों के लिए बने आयोग
रायपुर। छत्तीसगढ़ के समस्त सामाजिक संगठनों के लिए एक आयोग गठित किया जाना चाहिए। इससे सभी समाजसेवी संगठन अपने सेवाभावी कार्यों को शासन के साथ अन्य सामाजिक संगठनों से साझा कर सकेंगे। और सेवाकार्यों के विचारों का आदान-प्रदान भी कर सकेंगे। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से इस आशय के विचार महाराष्ट्र मंडळ के अध्यक्ष अजय मधुकर काळे ने अस्थायी मुख्यमंत्री आवास ‘पहुना’ में व्यक्त किए। सीएम को इसी संदर्भ ज्ञापन देते हुए काळे ने कहा कि इससे शासन की अनेक जागरूकता योजनाओं को भी समाज की अंतिम पंक्ति के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाया जा सकेगा।

मुख्यमंत्री साय ने मंडळ के प्रतिनिधिमंडल से चर्चा करने के लिए पर्याप्त समय दिया। इसी बीच मंडळ अध्यक्ष अजय काळे ने मुख्यमंत्री साय से कहा कि हमने शहर के लगभग 35 सामाजिक संगठनों की संगोष्ठी कई बार की है। हर बार सभी संगठन अपने कार्यों का विस्तृत ब्यौरा देते है। हमसे भी महाराष्ट्र मंडळ की गतिविधियां साझा करते है, लेकिन निष्कर्ष वैसा नहीं निकल पाता जैसे कि राजधानी के स्तर पर अपेक्षा की जाती है। काळे ने कहा कि अगर शासन सामाजिक संगठनों का आयोग गठित करें और प्रदेश भर के सभी सामाजिक संगठनों को एक छत के नीचे लाकर योजनाबद्ध तरीके से काम करें। समाजसेवा के बड़े लक्ष्य की दिशा में प्रयास करें तो इसके न केवल प्रदेश स्तरीय परिणाम दिखने लगेंगे बल्कि अन्य प्रदेशों के लिए अनुकरणीय भी होंगे।
मुख्यमंत्री साय ने महाराष्ट्र मंडळ के इस प्रस्ताव को ध्यान पूर्वक सुनने के बाद कहा कि इस पर निश्चित ही विचार किया जा सकता है। इस दिशा में हमें जब भी मंडळ के अनुभव व सुझाव की जरूरत होगी तो हम मंडळ के पदाधिकारियों को जरूर आमंत्रित करेंगे। इस अवसर पर महाराष्ट्र मंडळ के उपाध्यक्ष श्याम सुंदर खंगन, सचिव चेतन दंडवते, सहसचिव गीता दलाल, महिला प्रमुख विशाखा तोपखानेवाले, संत ज्ञानेश्वर स्कूल के सहप्रभारी पारितोष डोनगांवकर, बृहन्न महाराष्ट्र मंडळ के छत्तीसगढ़ प्रमुख सुबोध टोळे और सचेतक रविंद्र ठेंगड़ी भी उपस्थित रहे।