दिव्य महाराष्ट्र मंडल

महाराष्ट्र मंडल ने मनाई भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती

रायपुर। महाराष्ट्र मंडल ने सोमवार को  पूर्व प्रधानमंत्री व भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेई की जयंती सादगी के साथ मनाई। इस मौके पर मुख्य अतिथि महाराष्ट्र नाट्य मंडल के निर्देशक अनिल कालेले ने कहा कि दो बार के प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेई साफ- सुथरी शुचितापूर्ण राजनीति के प्रतीक थे। 
कालेले ने कहा कि सन् 1998 में प्रधानमंत्री के तौर पर अटल बिहारी वाजपेई ने जिस साहस से परमाणु हथियारों का परीक्षण किया, उससे समूचा विश्व भौचक रह गया। अमेरिका सहित कई पश्चिमी देशों ने इसके लिए भारत की आलोचना करते हुए कई प्रतिबंध भी लगाए, लेकिन इससे अटल बिहारी वाजपेई बिल्कुल नहीं डिगे। 
प्रा. कालेले ने कहा कि प्रधानमंत्री अटल बिहारी के कार्यकाल में भारत ने आर्थिक विकास हासिल किया। सूचना प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में विश्व में अग्रणी हुआ। अपने कार्यकाल में अभूतपूर्व उपलब्धियां हासिल करने के बावजूद जब उनके गठबंधन को पराजय का सामना करना पड़ा, तो अगले साल 2005 में उन्होंने राजनीति से संन्यास ले लिया। भारत के राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने 2014 में उन्हें देश के सर्वोच्च सम्मान भारत रत्न से नवाजा।
अटल जयंती पर आयोजित कार्यक्रम में अध्यक्ष अजय मधुकर काळे, महाराष्ट्र नाट्य मंडल के पूर्व अध्यक्ष दिलीप लांबे, वरिष्ठ सदस्य समिति के संयोजक दीपक पात्रीकर, संत ज्ञानेश्वर स्कूल के सह प्रभारी परितोष डोनगांवकर, सचेतक रविंद्र ठेंगड़ी समेत अनेक पदाधिकारी एवं सदस्य उपस्थित रहे। उपाध्यक्ष श्याम सुंदर खंगन ने आभार व्यक्त किया।