दिव्य महाराष्ट्र मंडल

महाराष्ट्र मंडल के प्रस्ताव का कई समाजों के प्रमुखों ने किया समर्थन, कहा- समाजों के साथ संगठन- संस्थाएं भी आए सामने

रायपुर। राजधानी सहित पूरे प्रदेश में भिन्न- भिन्न समाज और संगठन- संस्थाएं सेवाभावी कार्यों में जुटे हैं। कोरोना जैसी आपदा में भी इन संगठनों ने समाज की खूब सेवा की है। इन समाजों को एकजुट करने के लिए महाराष्ट्र मंडळ ने पहल करते हुए शासन से आयोग गठन की मांग की है। मंडळ की इस मांग को कई समाजों के साथ विभिन्न संगठनों और समाजसेवी संस्थाओं का समर्थन मिल रहा है। लोगों का कहना है कि एकजुटता से सेवाभावी कार्यों की व्यापकता नजर आएगी।

भारतीय स्त्री शक्ति, रायपुर की कोरग्रुप सदस्य अपराजिता शर्मा ने कहा कि आयोग गठन के प्रस्ताव से समाज के सभी वर्गों को एक साथ लाने और एक साथ मिलकर कार्य करने के लिए एक नया आयाम मिलेगा। वैसे तो समाज में विभिन्न संस्थाएं अपने-अपने तरीके से कार्य कर रही हैं, लेकिन आयोग बनने से सभी समान रूप से अपनी सहभागिता एक साथ एक उद्देश्य को लेकर यदि पूरा करेंगे। इससे उसे हमारे समाज के सभी वर्गों के साथ देश की  उन्नति के लिए नए रास्ते खुलेंगे।

तनिष्का फाउंडेशन के डा. मनोहर लाल लहेजा ने महाराष्ट्र मंडळ के आयोग गठन के प्रस्ताव पर सहमति देते हुए कहा कि निःसंदेह आयोग गठन समाजसेवा की दिशा में अच्छी और सकारात्मक पहल है। अभी समाज अपने- अपने स्तर पर एकजुट तो है, लेकिन इसे वृहद स्तर पर एकजुट करने के लिए आयोग या बोर्ड का गठन आवश्यक है। ऐसा करने से सेवाभावी कार्यों को सकारात्मक गति मिलेगी। समाजसेवा के कार्य जरूरतमंद लोगों को तक पहुंचेंगे।

छत्तीसगढ़ सरयूपारीय ब्राह्णण समाज के प्रदेश अध्यक्ष सुरेश शुक्ला ने कहा कि आयोग गठन एक अच्छी और प्रशंससनीय सोच है। अच्छे काम की पहल होती है तो मुकाम भी हासिल हो जाता है। सरयूपारीय ब्राह्णण समाज की ओर से मैं महाराष्ट्र मंडळ के प्रस्ताव का समर्थन करता हूं। शासन इस ओर कदम उठाती है तो इसका समाज को लाभ जरूर मिलेगा।

रायपुर ब्राइड फाउंडेशन और बाल समाज के अध्यक्ष प्रदीप गोविंद शितुत का कहना है कि समाजसेवा का कार्य जितना बड़ा और व्यापक होगा, उसका परिणाम उतना ही बड़ा आएगा। बड़े, अच्छे और सकारात्मक परिणाम के लिए समाजसेवी समाजों और संस्थाओं को एकजुट करना बेहद आवश्यक है। महाराष्ट्र मंडळ ने इस दिशा में कदम बढ़ाया है। सब साथ मिलेंगे तो इसमें सफलता जरूर मिलेगी।

कान्यकुब्ज ब्राह्णण महिला मंडल की सदस्य मोनिका मिश्रा ने कहा कि आयोग गठन होने से सामाजिक कार्यों  और सामाजिक कार्यकर्ता दोनों में अनुशासन की बाध्यता आएगी। इस पहल के साकार रूप लेने से सामाजिक संगठन ज्यादा संगठित तौर पर कार्य कर सकेंगे। साथ ही इन संगठनों के प्रति लोगों की विश्वसनीयता भी बढ़ जाएगी।

छत्तीसगढ़ मैथिल ब्राह्मण समाज के प्रदेश संगठन महामंत्री मनीष कुमार झा के अनुसार यह अच्छा प्रस्ताव है। मैंने 2010 में रायपुर में एक कार्यक्रम के दौरान आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत से चर्चा के दौरान इस दिशा में काम करने की बात भी कहीं थी। बहरहाल आज महाराष्ट्र मंडळ इस दिशा में कदम बढ़ा रहा है तो मैं इस पहल का समर्थन करता हूं।