दिव्य महाराष्ट्र मंडल

सेवाभावी समाजों के आयोग गठन से आएगा सामाजिक अनुशासन

रायपुर। राजधानी रायपुर सहित प्रदेश में सामाजिक सेवा से जुड़े समाजों और संगठनों को एकजुट करने और समाज सेवा के कार्यों को एकरूपता प्रदान करने के लिए महाराष्ट्र मंडळ ने सामाजिक संगठनों के आयोग गठन की मांग उठाई है। मंडळ ने इस संदर्भ में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से मांग की है। मंडळ के पदाधिकारियों ने इस संबंध में छत्तीसगढ़ विधानसभा अध्यक्ष डा. रमन सिंह से भी चर्चा की। महाराष्ट्र मंडळ के इस प्रस्ताव को विभिन्न समाजों व संगठन के पदाधिकारी अपना समर्थन दे रहे है।

प्रधानमंत्री जनकल्याणकारी योजना जागरूकता अभियान से जुड़ी सीमा शर्मा ने कहा कि सामाजिक संगठनों के लिए आयोग का प्रस्ताव बेहद सार्थक है। छोटे छोटे समूहों में बंटकर एक ही काम करने से ऊर्जा का क्षय होता है। बड़े स्तर पर कोई काम करे तो नतीजे अच्छे आएंगे। ज्यादातर सामाजिक संगठनों को स्थापित करने, चलाने में महिलाओं की भूमिका महत्वपूर्ण होती है। वो जुड़ती है तो पूरा परिवार जुड़ता है। आयोग के गठन से महिलाओं का भी विकास होगा। इससे नई नई प्रतिभाएं सामने आएंगी, नए विचार आयेंगे और विचारों को नया आयाम मिलेगा।

प्रतिभा एजुकेशन एंड वेलफेयर सोसायटी की सदस्य दीपानिता सोनी ने कहा कि इस पहल से समाज को नई दिशा मिलेगी। समाजसेवा में जुड़ने से लोगों का आत्मविश्वास बढ़ेगा। इससे न सिर्फ एक सामाजिक अनुशासन आएगा बल्कि समाजसेवा के कार्य सही और सार्थक दिशा में होंगे। मुझे ऐसा लगता है कि हर एक कार्य को सुशासन के साथ चलना अति आवश्यक है और यह एक अविस्मरणीय परिवर्तन होगा हमारे  सामाजिक संगठनों के लिए।

भारतीय स्त्री शक्ति, रायपुर की संयोजिका  संगीता मिश्रा ने कहा कि जो संगठन या व्यक्ति समाज सेवा से जुड़े कार्य कर रहे हैं उनके लिए ऐसी पहल एक ऊर्जा के स्रोत की भांति है। उन सभी संगठनों को एक संबल मिलेगा और एक नई ऊर्जा के साथ समाज सेवा के कार्य में अग्रसर होंगे। आयोग का गठन अपने आप में बहुत ही सुंदर सोच जिस कारण समाज के सभी वर्ग के लोग आपस में परस्पर प्रेम भाव से जुड़ पाएंगे।