छत्तीसगढ़ सर्व संगठन मंडल होगा सभी समाजों- संस्थाओं की संस्था का नाम...महाराष्ट्र मंडल में हुई 30 समाजों व सामाजिक संस्थाओं की बैठक में लगी मुहर
2024-01-14 08:25 PM
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रायपुर। महाराष्ट्र मंडल के अध्यक्ष अजय काले ने कहा कि 30 संस्थाओं व समाजों के प्रतिनिधियों की राय सुनने के बाद आयोग गठन की बेहद जटिल प्रक्रिया समझ में आई। हमें जनसेवा के कार्यों को गति देने के लिए एक आयोग की जरूरत है, लेकिन लंबी चलने वाली वैधानिक प्रक्रिया के मद्देनजर हम आयोग के बजाय मंडल गठन करने का प्रस्ताव रखते हैं। प्रदेश स्तरीय सभी समाजों, सामाजिक संगठनों को एकजुट करने के लिए हमारे प्रस्तावित मंडल का नाम होगा छत्तीसगढ़ सर्व संगठन मंडल।
महाराष्ट्र मंडल में रविवार को हुई सर्व समाज व सामाजिक संगठनों की संगोष्ठी में अध्यक्ष काले ने नए मंडल के नाम की घोषणा की, तो उपस्थित सभी समाजों एवं सामाजिक संगठनों ने इस पर अपने समर्थन की मुहर लगाई। सामाजिक प्रतिनिधियों ने कहा कि हमारा नया मंडल शासन की जन कल्याणकारी योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने व उन्हें लाभान्वित करने दिशा में अहम भूमिका निभाएगा। साथ ही समाजों के सेवाभावी कार्यों को क्रियान्वित करवाने में अहम भूमिका निभाएगा।

इससे पहले मराठा समाज के अध्यक्ष गुणवंत व्यास ने कहा कि सरकार के खाते से सामाजिक संस्था के नाम पर करोड़ों रुपए खर्च होते हैं लेकिन समाजों एवं सामाजिक संगठनों तक वास्तव में पांच फीसदी भी नहीं पहुंचते। आयोग के गठन से इस तरह की अनियमितता खत्म होगी। बाल समाज एवं ब्राइट फाउंडेशन के प्रदीप गोविंद शितुत के मुताबिक नये मंडल को लेकर हमें सरकार से जितनी अपेक्षाएं हैं, उससे भी कहीं अधिक हमें इसमें समर्पित होकर काम करना पड़ेगा। ताकि नए मंडल की सार्थकता सिद्ध हो। स्वर्णकार समाज के संतोष राव भजे ने महाराष्ट्र मंडल के इस पहल की प्रशंसा करते हुए पूर्ण समर्थन की बात कही।
साहू समाज के किशोर कुमार साहू ने कहा कि नये मंडल का प्रारूप तैयार करने के लिए नेट पर जाकर विभिन्न मंडलों, आयोगों, परिषदों का अध्ययन करने की जरूरत है, ताकि हमारा ड्राफ्ट फुलप्रूफ और उपयोगी बने। तिरंगा मंच और गुजराती समाज के मुकेश शाह ने कहा कि संस्कृति विभाग की ही तरह नया मंडल पहले प्रदेशभर की अधिकृत सामाजिक संस्थाओं और समाजों को रजिस्टर्ड करें और इनका विभिन्न जन जागरण व सामाजिक कार्यों में उपयोग करें।
सकल गुजराती समाज के कौशिक हट्टर ने कहा कि हम समाज हित में नए मंडल के प्रस्ताव का समर्थन करते हैं। देवांगन समाज के अरुण देवांगन के शब्दों में प्रस्तावित मंडल का प्रारूप कैसा हो, इसके लिए 11 विचारवान एवं अनुभवी लोग बैठकर इस पर मंथन करें और ड्राफ्ट तैयार करें।
सेवा समिति रायपुर के अध्यक्ष सी. नागेश्वर राव ने कहा कि आयोग का ड्राफ्ट तैयार करते समय इस बात का ध्यान देना होगा कि सरकार किसी की भी बने, मंडल का काम और हमारी जनसेवा प्रभावित नहीं होनी चाहिए। सर्व मंगल फाउंडेशन की अनिता दुबे ने नागेश्वर राव की बातों का समर्थन करते हुए कहा कि पहले हम एकजुट हो जाएं और मजबूती से नया संगठन बनाने की दिशा में बढ़ें तो इससे कभी किसी का काम प्रभावित नहीं होगा।

बढ़ते कदम के अध्यक्ष इंदर डोडवानी के अनुसार आयोग बनाने का काम जटिल हो सकता है, लेकिन इसे बनाने की प्रक्रिया रुकनी नहीं चाहिए, धीमी नहीं होनी चाहिए। छत्तीसगढ़ तेली समाज के अध्यक्ष अशोक नागपुरे ने आयोग गठन की लंबी चलने वाली जटिल प्रक्रिया को विस्तार से समझाया और कहा कि हमारा प्रयास प्रदेश स्तर पर इसके गठन का होना चाहिए ताकि इसका अस्तित्व मजबूत और सार्थकता हो। कान्यकुब्ज समाज, आशीर्वाद भवन के हेमंत तिवारी के अनुसार महाराष्ट्र मंडल का यह काम राज्य स्तर पर होना चाहिए। और इसमें सफलता मिलने पर यह राष्ट्रीय स्तर पर भी हो सकता है ।
चरामेति और वी नारायणी समाज के राजेंद्र ओझा ने याद दिलाया कि महाराष्ट्र मंडल की पिछली सर्व समाज बैठक में बात प्रेशर क्लब गठन की हुई थी। अब हम आयोग गठन करने की बात कर रहे हैं। वो भी सरकार के माध्यम से। हमें सरकार के काम करने के तरीके पता हैं। क्या हम उन तरीकों को अपनाने के लिए तैयार हैं। क्या सरकार को भी सामाजिक संस्थाओं व समाजों के काम करने का तरीका पसंद है और उसके अनुरूप ही साथ मिलकर काम करने को सरकार तैयार है। यादव समाज के अध्यक्ष माधव यादव के विचारों में पहले इस तथ्य पर विमर्श होना चाहिए कि आयोग के माध्यम से सरकार हमारे कामों में दखल न दे। 'जिंदगी ना मिलेगी दोबारा' की ममता शर्मा, छत्तीसगढ़ महिला मोर्चा व पुष्टिकर समाज की अर्चना वोरा ने महाराष्ट्र मंडल की इस पहल के लिए आभार व्यक्ति किया एवं इस दिशा में समर्थन व सहयोग करने का भरोसा दिया।
भारतीय स्त्री शक्ति की अपराजिता शर्मा के अनुसार विभिन्न समाजों और सामाजिक संगठनों में मतभेद व असहमति स्वाभाविक है, लेकिन हम सबको एकजुट होकर नए मंडल को बनाने और उसे मजबूत करने की दिशा में काम करना होगा। छत्तीसगढ़ महिला मंच की संस्थापिका शताब्दी पांडे ने कहा की नये आयोग के गठन को लेकर अधिकारियों, मंत्रियों, विधायकों की जबरदस्त काउंसलिंग की जरूरत होगी। लंबा प्रोसेस है, लेकिन बिना धैर्य खोये इसे करना होगा। छत्तीसगढ़ केरल समाजम् के अध्यक्ष विनोद पिल्लई ने कहा कि यह प्रक्रिया लंबी है और हमें स्टेप बाय स्टेप आगे बढ़ना होगा। सबसे अहम बात कि आयोग के गठन व कार्यप्रणाली में राजनीति या राजनीतिज्ञों का कोई स्थान ना हो। तभी हमारे मंडल के काम करने का विजन क्लियर होगा।
सिंधी समाज के डॉक्टर रहेजा, वसुधैव कुटुंबकम संस्था और ओम मंडली के रोहित सिंह तिरंगा, मधु फाउंडेशन की स्मिता पांडे, ग्रीन आर्मी के राम हिशीकर और छत्तीसगढ़ी ब्राह्मण समाज के बिहारी लाल शर्मा ने इस बात पर जोर दिया कि नये आयोग के गठन की सारी बातें ड्राफ्ट में स्पष्ट हों।
संगोष्ठी में शामिल हुए समाज व सामाजिक संस्थाएं
मराठा समाज, ब्राइट फाउंडेशन, बाल समाज, स्वर्णकार समाज, साहू समाज, तिरंगा संस्था, गुजराती समाज, सकल गुजराती समाज, देवांगन समाज, रायपुर सेवा समिति, सर्व मंगल फाउंडेशन, बढ़ते कदम, छत्तीसगढ़ तेली समाज, गुजराती ब्रह्म समाज, कान्यकुब्ज समाज आशीर्वाद भवन, चरामेति, नारायणी समाज, यादव समाज, जिंदगी ना मिलेगी दोबारा, भारतीय स्त्री शक्ति संगठन, छत्तीसगढ़ महिला मोर्चा, छत्तीसगढ़ महिला मंच, छत्तीसगढ़ केरला समाजम्, सिंधी समाज, वसुदेव कुटुंबकम संस्था, ओम मंडली, मधु फाउंडेशन, ग्रीन आर्मी, छत्तीसगढ़ी ब्राह्मण समाज।