नंदा अगस्ती घर-घर जाकर करती हैं गीता पाठ... पिछले 10 वर्षों से चल रहा यह पुण्य यज्ञ
रायपुर। गीता का पाठ करना और श्रवण करना दोनों कार्य किसी पुण्य यज्ञ से कम नहीं है। ऐसे में महाराष्ट्र मंडळ की आजीवन सभासद नंदा अगस्ती लोगों के घर-घर जाकर गीता का पाठ करती है। गीता पाठ के इस कार्य का बीड़ा उन्होंने 10 वर्ष पूर्व उठाया था, तब से लेकर आज तक कई लोगों के घर जाकर वे गीता पाठ कर चुकी है।
महाराष्ट्र मंडळ की महिला प्रमुख विशाखा तोपखानेवाले ने बताया कि महाराष्ट्र मंडळ की आजीवन सभासद नंदा अगस्ती ने 10 वर्ष पूर्व लोगों के घरों में जाकर गीता पाठ करने का कार्य प्रारंभ किया। वो शोक संतप्त परिवार के घर जाकर गीता पाठ करती है। वर्ष 2014 से उन्होंने यह पुनीत कार्य प्रारंभ किया। जो आज भी जारी है।
नंदी अगस्ती कहती है कि गीता का पाठ और श्रवण दोनों मुक्ति के साधन है। ऐसे में शोक संतप्त परिवार के घर जाकर गीता पाठ करने से मृत आत्मा को शांति मिलती है। 10 साल पहले पड़ोस में रहने वाले पांडे जी का परलोकगमन हो गया। तब मैं परिजनों से भेंट करने उनके घर गई। वहां किसी ने गीता पाठ कराने की सलाह दी, तो मैंने उनकी बेटियों से पूछा क्या मैं पढ़ दूं गीता। तो उन्होंने सहमति दी और मैंने गीता के दो अध्याय पढ़े। उस से शुरू हुआ सफर आज भी जारी है। जब भी कोई बुलाता है तो मैं गीता पाठ करने जरूर जाती हूं।