वैशम्पायन सर ने निर्धन छात्रों को पढ़ाने का उठाया था बीड़ाः काले
2024-06-27 11:59 AM
683
0- महाराष्ट्र मंडळ और समाज के लिए किए अनेक अनुकरणीय कार्य
रायपुर। महाराष्ट्र मंडळ रायपुर के एक प्रकाश कुंज का बुधवार को अस्त हो गया। यह एक ऐसा प्रकाश कुंज था जिसने समाज को एक नई दिशा दी और निर्धन छात्रों को पढ़ाने का ऐसा बीड़ा उठाया, जो समय के साथ निरंतर चलता रहा। महाराष्ट्र मंडळ के विभिन्न पदों पर आसीन रहे कृष्ण गोपाल वैशम्पायन सामाजिक कार्यों के साथ महाराष्ट्र नाट्य मंडळ में भी सक्रिय रहे। वैशम्पायन रूपी प्रकाश कुंज की ज्योति से आज बहुत से लोग प्रकाशमान हो रहे हैं। उक्त बातें महाराष्ट्र मंडल के अध्यक्ष अजय मधुकर काले ने कहीं।
काले ने कहा कि वैशम्पायन 1980- 81, 85- 86 में कार्यकारिणी सदस्य रहे। वहीं 1981- 82 में उपाध्यक्ष पद पर आसीन थे। दो बार महाराष्ट्र नाट्य मंडळ के नाट्य प्रमुख पद रहते हुए कई नवोदित नाट्य कर्मियों का उत्साहवर्धन किया और उन्हें नई दिशा प्रदान की। इसके साथ वे अच्छे गणितज्ञ और समाजसेवी भी थे।
काले ने कहा कि बड़े सामाजिक कार्यों में सहभागिता के साथ महराष्ट्र मंडळ परिवार को सामाजिक और नाट्य कला क्षेत्र में जोड़ने के लिए प्रेरित करने का काम उन्हें मंडळ का प्रकाश कुंज बनाता है।
काले ने कहा कि जब मैं पहली बार अध्यक्ष बना तो उन्होंने मुझसे गणेशोत्सव पर सामूहिक अथर्वशीर्ष पाठ कराने की बात कहीं थी। मैंने यह परंपरा शुरू की और आज भी हर वर्ष प्रथम और अंतिम दिन सामूहिक अथर्वशीर्ष पाठ होता है। शिक्षक दिवस पर शिक्षकों को सम्मानित करने के लिए जब मैं उन्हें संत ज्ञानेश्वर विद्यालय ले गया तो उन्होंने इतनी महत्वपूर्ण छोटी- छोटी ट्रिक्स बताई साइंस के टीचर्स को व बच्चों को कि हर कोई उन्हें सुनता ही रह गया।
अजय काले ने आगे बताया कि बचपन से पड़ोसी होने के कारण उनकी हर बात आज भी याद आती है। मैं उन्हें अपने परिवार की ओर से और महाराष्ट्र मंडळ परिवार की ओर से आदरांजलि अर्पित करता हूं। लोग आते समय कुछ नहीं लाते, जाते समय कुछ नहीं ले जाते, लेकिन वैशम्पायन सर ने हजारों छात्रों को ज्ञान दिया, समाजसेवा, नाटय क्षेत्र में अपने नाम, व्यवहार से बहुत बड़ी मानव संपति और सम्मान अर्जित किया है, जो हमेशा प्रकाशवान रहेगा। हमेशा संकट के समय धैर्यवान होकर समस्या का समाधान करना, ये गुण सीखने योग्य है जो हमें जीवन में आगे बढ़ने की प्रेरणा देगा।