दिव्य महाराष्ट्र मंडल

होम्योपैथी में तत्काल असर करने वाली दवाइयाें की कमी नहीं: डॉ. मिश्रा

 
0- महाराष्ट्र मंडल में लगे होम्योपैथी स्वस्थ्य शरीर में अनेक मरीज नि:शुल्क जांच व दवाओं से लाभान्वित
 
रायपुर। महाराष्ट्र मंडल में रविवार की सुबह लगे नि:शुल्क होम्योपैथी स्वास्थ्य शिविर में हर आयुवर्ग के अनेक मरीजों ने अपनी बीमारियों की जांच करवाई एवं दवाएं प्राप्त की। इस मौके पर महाराष्ट्र मंडल के अध्यक्ष अजय काले व स्वास्थ्य समिति के प्रभारी प्रशांत बक्शी और बबीता बिठले ने पूरी व्यवस्था संभाली। 
 
शिविर के दौरान संक्षिप्त चर्चा में डॉ. इल्तियाशा मिश्रा ने बताया कि उपचार की प्रत्येक पैथी में लगातार प्रयोग हो रहे हैं और इसमें होम्योपैथी भी पीछे नहीं है। अब इसमें भी अत्याधुनिक व सटीक दवाइयां उपलब्ध हैं। एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि होम्योपैथी डॉक्टर अपने मरीज पर सवालों की बौछार इसलिए करता है ताकि जब वह अपने मरीज को जो दवा दे, तो वह सटीक और असरदार हो। उन्होंने कहा कि केवल बुखार को ठीक करने के लिए होम्योपैथी में 200 से अधिक दवाएं हैं और जरूरी नहीं कि जो दवा डाक्टर ने आपको दी है, इसके अलावा अन्य कोई दवा भी आपको दी गई दवा की तरह या अधिक प्रभावी हो। 
डॉ. इल्तियाशा ने बताया कि कैंसर को लेकर भी होम्योपैथी में काफी दवाएं आ गई हैं। शरीर में जितनी जल्दी कैंसर की पहचान होगी, उतना ही सटीक उसका इलाज हो पाएगा। यदि मरीज के शरीर में कैंसर तीसरे या अंतिम चरण में डिक्टेट होगा, तो उसका इलाज जटिल व मरीज के लिए तकलीफदेह होगा। वहीं होम्योपैथी में दवाओं के माध्यम से मरीज के दर्द का निवारण तीव्रता से होता है। यही वजह है कि होम्योपैथी इलाज से कैंसर के मरीजों में जीने की प्रबल इच्छाशक्ति अंत तक बनी रहती है। 
डॉ. इल्तियाशा ने कहा की सेक्स से संबंधित रोगों के इलाज में एलोपैथिक ट्रिटमेंट आर्गन पर काम करता है, जबकि होम्योपैथी ब्रेन पर पहले काम करता है। उन्होंने कहा कि सेक्स के इलाज के नाम पर जो लूटपाट होती है, उसकी वजह मरीजों का इस विषय पर डॉक्टर से खुलकर बातचीत नहीं कर पाना है। छुप- छुप कर इसका इलाज करने की वजह से नाकाबिल तथाकथित डॉक्टर मरीज को लूटते हैं। उन्होंने कहा कि होम्योपैथी में त्वचा रोग व महिलाओं से जुड़ी बीमारियों को जड़ से ठीक करने के लिए भी अत्याधुनिक दवाएं हैं। पीड़ितों को डॉक्टर से इस संदर्भ में चर्चा करनी चाहिए।