'मईया मोरी मैं नहीं माखन खायो...' में दिखा मां यशोदा का स्नेह... मधुरम-मधुरम में दिखी योगेश्वर की सुंदरता
0- विभिन्न वर्गों में कथक, भरतनाट्यम, ओडिसी और कुचिपुड़ी नृत्यों से दर्शकों हुए मंत्रमुग्ध

0- महाराष्ट्र मंडल गणेशोत्सव के तीसरे दिन हुआ क्लासिकल डांसर्स के लिए 'नृत्य तरंग'
रायपुर। महाराष्ट्र मंडल में शहीद मेजर यशवंत गोरे स्मृति गणेशोत्सव के तीसरे दिन भारतीय शास्त्रीय नृत्य स्पर्धा ‘नृत्य तरंग’ का बेहतरीन आयोजन किया गया। इसमें एक ओर कथक की प्रस्तुति ‘मईया मोरी मैं नहीं माखन खायो...' में दिखा मां यशोदा का स्नेह, वहीं दूसरी ओर भरतनाट्यम में मधुरम-मधुरम वंदना में योगेश्वर श्रीकृष्ण के शांत भाव व सुंदरता का प्रभावी वर्णन प्रतिभागियों ने किया। कथक में राज राजेश्वरी मां अंबा की स्तुति प्रस्तुत तक अंजलि देवांगन ने खूब तालियां बटोरी। कथक जूनियर वर्ग में वेदिका अपराजिता और रसराज त्रिवट ने मंत्रमुग्ध करने वाली प्रस्तुति देकर प्रथम स्थान प्राप्त किया।


महाराष्ट्र मंडल के सांस्कृतिक समिति की ओर से आयोजित ‘नृत्य तरंग’ में राजधानी के विभिन्न क्षेत्रों से आए मराठी और गैर मराठी कलाकारों के द्वारा प्रस्तुत कथक, भरतनाट्यम, कुचिपुड़ी और ओडिसी नृत्यों की मनोरम प्रस्तुतियों ने दर्शकों को लगातार छह घंटे तक बांधे रखा।

शाम चार बजे मंडल के संत ज्ञानेश्वर सभागृह में हुई इस स्पर्धा में काफी संख्या में दर्शक पहुंचे। रात 10 बजे तक कार्यक्रम चलता रहा। तत्पश्चात परिणामों की घोषणा कर पुरस्कार वितरित किए गए।


कार्यक्रम की मुख्य अथिति कथक विशारद संगीता कापसे थी। वहीं विशेष अथिति के रुप में कथक नृत्यांगना एमए कथक किरण साहू उपस्थित थे। निर्णायक की भूमिका कृपा बंजारी और अपूर्वा शर्मा ने निभाई।

महाराष्ट्र मंडल की सांस्कृतिक समिति की प्रमुख एवं 'नृत्य तरंग' की प्रभारी प्रिया बक्षी ने बताया कि इस आयोजन में 48 से अधिक प्रतिभागियों ने अपनी प्रस्तुति दी। नृत्य की सभी विधा में जूनियर और सीनियर दोनों कैटेरगी में प्रथम, द्वितीय और तृतीय पुरस्कार दिए गए।

सांस्कृतिक समिति की प्रभारी गौरी क्षीरसागर के मुताबिक महाराष्ट्र मंडल के गणेश उत्सव में पहली बार भारतीय शास्त्रीय नृत्य स्पर्धा 'नृत्य तरंग' को लेकर प्रतिस्पर्धियों में काफी उत्साह देखा गया।


प्रतिभागियों की संख्या और लोगों की उपस्थित इस बात का उत्साहजनक संकेत है कि इस विधा को लेकर लोगों को रुझान बढ़ रहा है। अब यह स्पर्धा महाराष्ट्र मंडल में प्रतिवर्ष व्यापक स्तर पर आयोजित की जाएगी।


आज के कार्यक्रम में मंडल की उपाध्यक्ष गीता श्याम दलाल, मालती मिश्रा, अपर्णा काळेले, दिव्या पात्रीकर, अभय भागवतकर, सुषमा काळे, प्रवीण क्षीरसागर, रचना ठेंगडी, पल्लवी मुकादम, सृष्टी दंडवते, साक्षी टोळे, नमिता शेष, वर्षा राऊत, सुनीता कुलकर्णी, वर्षा चौधारी, वंदना निमोणकर, अक्षदा पंडित, स्वाती डबली, श्रावणी मुकादम, प्रांजल बक्षी, वार्तिका क्षीरसागर का भरपूर सहयोग रहा।
