महाराष्ट्र मंडल में अगोरा और धर्म नाटक देखने पहुंचे शहर के पांच पार्षद
- महाराष्ट्र मंडल ने किया सभी अतिथियों का स्वागत
- मंडल देख सभी बोले मंडल का नया वास्तु बेहद शानदार

रायपुर। महाराष्ट्र मंडल में शहीद मेजर यशवंत गोरे स्मृति पर आयोजित कार्यक्रम की श्रृंखला में आठवें दिन छत्तीसगढ़ी नाटक अगोरा और हिंदी नाटक धर्म का मंचन किया गया। आचार्य रंजन मोड़क के निर्देशन में मंचित इन दोनों नाटकों को देखने के लिए महाराष्ट्र मंडल का संत ज्ञानेश्वर सभा गृह दर्शक दीर्घा से भरा रहा। कार्यक्रम को देखने के लिए राजधानी रायपुर के वरिष्ठ पार्षद और प्रवक्ता मृत्युंजय दुबे, निगम के उपनेता प्रतिपक्ष पार्षद मनोज वर्मा, पार्षद सरिता आकाश दुबे, पार्षद अमर बंसल और पार्षद दीपक जायसवाल पहुंचे। महाराष्ट्र मंडल की ओर से सभी अतिथियों का स्वागत किया गया। सभी ने मंडल परिसर का भ्रमण कर इसके नये वास्तु की प्रसंशा की।

महाराष्ट्र मंडल के सहसचिव सुकृत गनोदवाले ने बताया कि 89 वर्षीय सामाजिक, सांस्कृतिक और शैक्षणिक संस्था महाराष्ट्र मंडल द्वारा गणेशोत्सव धूमधाम से मनाया जाता है। उत्सव के दौरान हर दिन कुछ न कुछ कार्यक्रम होते है। शनिवार 14 सितंबर को हिंदी दिवस के अवसर पर धर्म और अगोरा नाटक का मंचन किया गया। नाटक ‘धर्म’ में मनुय के सामाजिक, नैतिक और पारिवारिक धर्म को दिखाया गया।

अगोरा नाटक में मेहत्तर का रोल करने वाल संत फरिकार ने नाटक के लिए तीन गीतों की रचना की। संत फऱिकार द्वारा रचित ‘राम नाम के टिकट कटा ले...’ ‘जग एक ठन हटरी ताय...’ और ‘तै कहा चल दे रे मुन्ना..’ गीत को सभी ने खूब सराहा। दोनों ही नाटकों का निर्देशन मंडल के आजीवन सभासद आचार्य रंजन मोड़क ने किया जिसे रंगभूमि की टीम ने मंचित किया।

महराष्ट्र मंडल पहुंचे रायपुर नगर निगम के सभी पार्षदों ने कि वे काफी लंबे समय बाद मंडल आए। पहले कई आयोजनों में पुराने भवन में आए थे। अब यह नया विशाल भवन शहर के मध्य बनकर तैयार हो गया है। इस नये भवन के वास्तु की प्रसंशा करते हुए उन्होंने यहां के पार्किंग स्पेश और हाल के आकार की बड़ी प्रसंशा की। इस अवसर पर मंडल अध्यक्ष अजय मधुकर काले, मुख्य सन्वयक श्याम सुंदर खंगन, उपाध्यक्ष गीता श्याम दलाल, सचिव चेतन गोविंद दंडवते, सहसचिव सुकृत गनोदवाले, सचेतक रविंद्र ठेंगड़ी प्रमुख रुप से उपस्थित थे।
