दिव्य महाराष्ट्र मंडल

रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम के साथ मराठी मेला का शुभारंभ

- महाराष्ट्र मंडल में हुए छत्रपति शिवाजी की नृत्य नाटिका ने भरा जोश
- खानपान और खेलकूद के स्टाल में शुरू से ही जमे रहे बच्चे
 
रायपुर। महाराष्ट्र मंडल के विभिन्न महिला केंद्रों की रंगारंग प्रस्तुतियों में मराठी संस्कृति, परंपरा और गौरवशाली आध्यात्मिक इतिहास नजर आया। शनिवार दोपहर सत्य साईं संजीवनी अस्पताल में लगभग 10 वर्षों से बाल मरीजों की निःस्वार्थ सेवा कर रहीं मीना ताई लोणकर ने मां सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित कर मराठी सोहळा (मेला) का शुभारंभ किया। इस अवसर पर मुख्य अतिथि मीना ताई और मंडल अध्यक्ष अजय मधुकर काले ने अपने संक्षिप्त संबोधन में मराठी मेला के आयोजन को युवा पीढ़ी को मनोरंजन के साथ अपनी संस्कृति व परंपरा की जानकारी देने के संदर्भ में उल्लेखनीय बताया। 
 

महाराष्ट्र मंडल के रोहिणीपुरम महिला केंद्र की प्रस्तुति भुलाबाई (मां पार्वती) के गाने, वल्लभनगर केंद्र की महिलाओं ने गोधंळ, डंगनिया केंद्र ने लावणी के साथ कोटा केंद्र की महिलाओं ने डिंडी निकाली। शंकर नगर केंद्र ने ‘नटरंग उभा’ पर और सरोना केंद्र के समूह नृत्य ने समूचे महाराष्ट्र की संस्कृति की जीवंत किया। सिविल लाइन केंद्र की संयोजिका शोभा जोशी ने मां काली पर आधारित एकल नृत्य कर लोगों को चकित कर दिया। दर्शना नलगुंडवार व समूह के नृत्य, संस्कृति विठालकर और तन्वी भागड़ीकर के एकल नृत्यों ने भी समा बांधा। वहीं सड्डू-मोवा केंद्र की महिलाओं ने मराठी गीत ‘वल्लो रे नखवा हो, वल्लो रे रामा...’, अंवति विहार केंद्र की महिलाओं ने देशभक्ति गीत प्रस्तुत किया। 
 

 
महिला केंद्रों की प्रस्तुति के बाद युवा समिति ने छत्रपति शिवाजी महाराज के अफजल खान को बघनखा से मारने की जीवंत प्रस्तुति नृत्य नाटिका के माध्यम से दर्शकों में देश प्रेम का जोश भर दिया। रीना रितेश बाबर के निर्देशन में तैयार की गई इस नृत्य नाटिका में शिवाजी की भूमिका में शुभम् पुराणिक, अफजल खान के रोल में तन्मय बक्षी ने कमाल का अभिनय किया। शुरू से आखिरी तक सूत्रधार के रूप में रीना बाबर और श्रावणी मुकादम की एनर्जी काबिले तारीफ थी। शिवाजी महाराज की मां जीजाबाई की भूमिका में शिल्पा राखुंडे, जीवा माहला बने विनोद राखुंडे, विशाल डांगे ने सैय्यद बांदा की भूमिका में जान डाली। नाटिका के ग्रामीण दृश्य के लिए रीना देशमुख, सोनाली पेदे, पल्लवी नाफड़े, अनुराग धावलकर का सहयोग उल्लेखनीय रहा। 
 

नृत्य नाटिका की समाप्ति के साथ प्रति माह होने वाली शिवाजी महाराज की महाआरती जयघोष के साथ की गई। पहले प्रति सप्ताह शनिवार को होने वाली रामरक्षा स्तोत्र और हनुमान चालीसा पाठ की परंपरा का भी निर्वहन किया गया। इस बीच बड़ी संख्या में पहुंचे हर समाज और आयु वर्ग के लोग स्टालों में चटपटे व्यंजनों का लुत्फ लेते रहे। वहीं महिलाओं का सारा ध्यान ब्यूटी प्रोडक्ट, रेडिमेड गारमेंट्स के साथ घरेलु साज सज्जा के सामान खरीदने पर लगा रहा।