दिव्य महाराष्ट्र मंडल

मराठी सोहळा-2024: मराठी नाटक ‘एक डाव भटाचा’ ने गुदगुदाया, तो गरबा की मस्ती रही हावी

- कपल डांस में जीवन साथी संग थिरके बरसों बाद

- सर्वसमाज की प्रस्तुतियों ने मठारी मेले को प्रदान की गरिमा

रायुपर। महाराष्ट्र मंडल में आयोजित मराठी मेले के अंतिम चरण में बच्चों के साथ युवाओं और बुजुर्गों ने ऐसा झूमकर गरबा किया कि लगा मानो नवरात्रि चल रही हो। तत्पश्चात् महाराष्ट्र के सुप्रसिद्ध हास्य नाटक एक डाव भटाचा ने खचाखच भरे हाल में दर्शकों को गुदगुदाया। सर्वसमाज की बेहतरीन प्रस्तुतियों ने न केवल लोगों का मनोरंजन किया बल्कि मराठी मेले के आयोजन को गरिमा प्रदान की।

 

महाराष्ट्र के राज कला मंदिर की दो अंकीय प्रस्तुति एक डाव भटाचायानी मिस्टर भट्ट की बाजीमें दो घंटे कैसे बीत गए पता ही नहीं चला। इस नाटक में ससुर और दामाद के बीच खींचातानी  के कारण कदम-कदम पर बन रहे हास्य ने दर्शकों को गुदगुदाया। इस बीच परिस्थितिजन्य शक के आधार पर उत्पन्न वड़ा-पाव बेचने वाली महिला से ससुर के संबंध ने नाटक को और भी रोचक बनाया। कभी ससुर हावी, तो कहीं दामाद। इस बीच बेटी, पत्नी, हवलदार और वड़ा-पाव बेचने वाली महिला के पति की मौजूदगी नाटक को और भी मजेदार बना रही थी।  अंत में गलतफहमी दूर होती है। सुप्रसिद्ध कामेडी सीरियल महाराष्ट्राची हास्य जत्रा के लेखक सचिन मोटे की लिखित रोचक कहानी और गुदगुदाने वाले संवाद गजब के रहे। निर्देशक व ससुर की भूमिका में राजेश चिटणीस (ससुर) ने कमाल का अभिनय किया। वहीं सीमा गोडबोले, अनिल पाखोडे, श्याम, भावना, ऐश्वर्या, अविनाश ने अपने अपने किरदारों के साथ हास्य नाटक को गति दी। राजेश चिटणीस नाटक के बीच में महाराष्ट्र मंडल के अध्यक्ष अजय काले के नाम का बार-बार उल्लेख कर दर्शकों से सीधा जुड़ने की उल्लेखनीय कोशिश कर रहे  थे।

 

कला संस्कृति समिति की समन्वयक भारती पलसोदकर ने बताया कि दशहरा के एक दिन पहले गरबा उत्सव में लोगों के उत्साह को देखते हुए पहली बार मराठी मेले में गरबा खेला गया। महाराष्ट्र की परंपरागत नौआरी साड़ी, काला चश्मा, रंग-बिरंगी छतरी, डांडिया से लेकर विभिन्न प्रकार के प्राप्स के साथ महिलाओं ने गरबा खेलने के लिए तैयारी कर रखी थी। वहीं पुरुष वर्ग भी पैजामा-कुर्ता के साथ एक अलग ही उत्साह में था। काफी देर तक चले गरबा में बच्चों की धूम भी गौर करने लायक रही।

 

सर्वसमाज की सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने मराठी मेले को एक दिलचस्प स्वरूप प्रदान किया। अखिल भारतीय ब्राह्णण एकता परिषद की यामिनी शर्मा ने भजन की प्रस्तुति से माहौल को भक्तिमय बनाया। वहीं मराठा समाज के युवाओं की टोली ने शिव गर्जना कर शिवाजी महाराज की महाआरती में जोश भर दिया। बंगाली समाज की टीम ने मां दुर्गा पूजा पर बांग्ला नृत्य की शानदार प्रस्तुति देकर सभी का दिल जीत लिया। सिंधी समाज की ओर से डा. नीलम आहूजा, रहमत आहूजा और खनक रघुटा की विशेष प्रस्तुति ने ध्यान खींचा। स्वर्णकार समाज और जेसीआई वामांजलि का प्रतिनिधित्व कर रही लाली सोनी ने अपने क्लासिकल डांस से खूब तालियां बटोरी।  चंचल सोनी ने सेमी क्लासिकल डांस से दर्शकों का ध्यान खींचा। सर्वमंडल समाज की भजन की प्रस्तुति हमारे राम आएंगे उल्लेखनीय रही। रविवार को देर रात विभिन्न स्पर्धाओं के विजेताओं व प्रतिभागियों को पुरस्कार और प्रमाण-पत्र वितरण के साथ मराठी मेले का समापन किया गया।