पढ़ाई में नहीं लग रहा मन तो कल वसंत पंचमी पर इस मंत्र का करें पाठ
डेस्क। माघ मास के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को मनाया जाने वाला वसंत पंचमी का पर्व न केवल बसंत ऋतु के आगमन का प्रतीक है, बल्कि यह दिन ज्ञान, विद्या, कला और संगीत की अधिष्ठात्री देवी मां सरस्वती की अराधना के लिए शुभ माना जाता है। अगर आपका पढ़ाई में मन नहीं लगता तो इस दिन मां सरस्वती की पूजा अर्चना कर श्रद्धा भाव से “ॐ ऐं सरस्वत्यै नमः” मंत्र का 108 बार जाप करें. इससे एकाग्रता बढ़ती है और ज्ञान प्राप्ति का मार्ग प्रशस्त होता है.
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, वसंत पंचमी के दिन ही ब्रह्मा जी के मुख से मां सरस्वती प्रकट हुई थीं. तभी से यह दिन विद्या, बुद्धि और विवेक की साधना के लिए विशेष महत्व रखता है। खासकर बच्चों और विद्यार्थियों के लिए यह पर्व अत्यंत फलदायी माना गया है. इसी दिन विद्यारंभ संस्कार, लेखन आरंभ और शिक्षा से जुड़े शुभ कार्य किए जाते हैं। मान्यता है कि इस दिन मां सरस्वती की आराधना करने से बुद्धि प्रखर होती है और जीवन में ज्ञान का प्रकाश फैलता है।
वसंत पंचमी के दिन प्रातःकाल ब्रह्म मुहूर्त में उठकर स्नान करें और स्वच्छ मन से पूजा का संकल्प लें. पीले या सफेद रंग के वस्त्र धारण करें। घर के ईशान कोण या किसी स्वच्छ स्थान पर मां सरस्वती की प्रतिमा या चित्र स्थापित करें और पूजा स्थल को गंगाजल से शुद्ध करें. माँ सरस्वती को पीले फूल, पीला चंदन, अक्षत, दूर्वा, फल और मिठाई अर्पित करें। विद्यार्थी अपनी पुस्तकें, कॉपियां और कलम माँ के चरणों में रखें, वहीं संगीत, कला और लेखन से जुड़े लोग अपने वाद्य यंत्र और उपकरणों की पूजा करें।