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त्र्यंबकेश्वर दर्शन के लिए जा रहे है तो.... भंडारदरा में एक-दो दिन अवश्य ही प्रकृति को गोद में बिताए

डेस्क। अगर आप ज्योतिर्लिंग त्र्यंबकेश्वर का दर्शन करने जा रहे हैं तो नासिक से लगभग 80 किलोमीटर दूर भंडारदरा में एक-दो दिन अवश्य ही प्रकृति को गोद में बिताना चाहिए। भंडारदरा एक ऐसा पर्यटन स्थल है जिसका प्रकृति ने इतना सुंदर श्रृंगार किया है कि उसे निहारते हुए आँखों से मन में कैद करने से आप रोक नहीं पाएंगे।

अहमदनगर जिले प्रवरा नदी के तट पर स्थित भंडारदरा शांत और प्राकृतिक सुंदरता का पता है जहां कोई भी प्रकृति प्रेमी खुद को खो देने को तैयार रहते हैं। आपको बता दें कि भंडारदरा हिल स्टेशन महाराष्ट्र के अहमदनगर जिले में  प्रवरा नदी के किनारे स्थित है और पहाड़ों, हरे-भरे जंगल, झरनों और झीलों का एक सुरम्य परिदृश्य प्रस्तुत करता है। यहाँ की सुरम्य वादियाँ शांत वातावरण के साथ आने वाले हर प्रकृतिप्रेमी को आकर्षित करती हैं।

यह प्रसिद्ध पर्वत समुद्र तल से लगभग 5,400 फीट की ऊंचाई के साथ महाराष्ट्र की सबसे ऊंची चोटी के रूप में अपनी स्थिति का बखान करता है। भंडारदरा झील और रंधा जलप्रपात देशभर के यात्रियों का मन मोहने वाले सबसे अद्वितीय स्थल हैं। रंधा झरने का उल्लास मानसून के दौरान खूबसूरती से खिल उठता है। रंधा जलप्रपात में प्रवरा नदी अत्यंत वेग से खाई में गिरती है। विल्सन बांध 150 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है जो पर्यटकों के लिए नीचे की चट्टानों पर प्रचंड जल प्रवाह एक मनोरम दृश्य प्रस्तुत करता है। यहां पर्यटकों के देखने के लिए अमृतेश्वर मंदिर, विल्सन बांध, आर्थर झील, छाता झरना, रंधा झरना, नेकलेस झरना और अगत्स्य ऋषि आश्रम सबसे आकर्षक स्थल हैं।

सह्याद्रि पहाडिय़ों पर स्थित भंडारदरा हिल स्टेशन आपको पक्षियों को देखने, ट्रैकिंग का अवसर प्रदान करेगा। मानसून के समय जून से ठंड की विदाई फरवरी के बीच इस पर्यटन स्थल पर जाने के लिए सबसे मुनासिब समय है।